चायनीज रोबोट डॉग के बाद अब गलगोटिया के ड्रोन सॉकर पर विवाद, यूथ कांग्रेस ने बताया कोरियन

यूथ कांग्रेस ने एक्‍स पर अपनी एक पोस्‍ट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के ड्रोन सिस्‍टम का एक वीडियो शेयर किया और लिखा कि पहले चीन, अब कोरिया. गलगोटिया 'उधार ली गई' इनोवेशन के वर्ल्‍ड टूर पर हैं.  

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  • यूथ कांग्रेस ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी के भारत के पहले ड्रोन सॉकर बनाने के दावे को गलत बताया है.
  • यूथ कांग्रेस का कहना है कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने कोरिया के स्ट्राइकर वी3 एआरएफ ड्रोन को पेश किया है.
  • यूथ कांग्रेस ने एक पोस्‍ट में कहा कि पहले चीन, अब कोरिया, गलगोटिया 'उधार ली गई' इनोवेशन के वर्ल्‍ड टूर पर हैं.  
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नई दिल्‍ली:

इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े रोबोट डॉग मामले की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि एक नया विवाद सामने आ गया है. इस बार सवाल यूनिवर्सिटी की टेक्निकल इनोवेशन की दावेदारी पर उठे हैं. यूथ कांग्रेस का दावा है कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी भारत के पहले ड्रोन सॉकर को पूरी तरह से बनाने की बात कह रही है, लेकिन वास्‍तव में यह कोरिया का स्ट्राइकर वी3 एआरएफ है. साथ ही यूथ कांग्रेस ने केंद्र सरकार के आत्‍मनिर्भर भारत मिशन को लेकर भी तंज कसा है.

यूथ कांग्रेस ने एक्‍स पर अपनी एक पोस्‍ट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सॉकर बॉल में ड्रोन सिस्‍टम का वीडियो शेयर किया और लिखा कि पहले चीन, अब कोरिया. गलगोटिया 'उधार ली गई' इनोवेशन के वर्ल्‍ड टूर पर हैं.  

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गलगोटिया के दावे को बताया गलत

साथ ही यूथ कांग्रेस ने अपने पोस्‍ट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी को लेकर लिखा कि उनका दावा है कि उन्‍होंने कैंपस में भारत का पहला ड्रोन सॉकर पूरी तरह से बनाया है, लेकिन वास्तव में यह कोरिया का स्ट्राइकर वी3 एआरएफ है. 

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गलगोटिया की ओर से वीडियो में क्‍या कहा 

यूथ कांग्रेस की ओर से एक वीडियो भी पोस्‍ट किया गया है, जिसमें गलगोटिया की एक प्रोफेसर दावा करती हैं कि सॉकर गेंद के आकर के ड्रोन सिस्‍टम में इंजीनियरिंग से लेकर इसकी एप्‍लीकेशन तक सब कुछ यूनिवर्सिटी में ही बनाया गया है. यह भारत का पहला ड्रोन सॉकर एरिना है. 

इससे पहले, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने टेक्नोलॉजी प्रदर्शन के लिए अपने स्टॉल पर एक रोबोट डॉग रखा था. हालांकि इस डिवाइस के कथित तौर पर चीनी तकनीक पर आधारित होने की बात सामने आई है, जिसे लेकर विवाद हो गया है.  

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