- कांग्रेस ने केरल में किसी भी सांसद को विधानसभा चुनाव लड़ाने का फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है
- असम में कांग्रेस अपने प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को विधानसभा चुनाव लड़ाने का फैसला कर चुकी है
- केरल कांग्रेस के अंदरूनी विवाद और सांसदों की मांगों ने पार्टी नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है
असम से लेकर केरल तक विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए चुनौतियां बढ़ रही हैं.सूत्रों के अनुसार केरल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और कन्नूर से लोकसभा सांसद के सुधाकरन ने पार्टी नेतृत्व को अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया तो भी वो निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुधाकरन कन्नूर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं.
के सुधाकरन के अलावा अडूर प्रकाश समेत कुछ अन्य कांग्रेस सांसद विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. लेकिन कांग्रेस ने केरल में किसी भी सांसद को विधानसभा चुनाव नहीं लड़ाने का फैसला किया है. कांग्रेस आलाकमान का मानना है कि यदि किसी एक सांसद को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया गया तो दूसरे को किस आधार पर मना किया जाएगा? हालांकि असम में कांग्रेस अपने प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को विधानसभा चुनाव लड़ा रही है जो लोकसभा सांसद हैं.
ज़ाहिर है केरल में ऐसे किसी झटके से कांग्रेस बचना चाहती है. केरल कांग्रेस के लिए करो या मरो का सवाल है क्यूंकि दस सालों से सीपीएम सत्ता में है. वापसी के लिए कांग्रेस को अंदरूनी झगड़ा खत्म करना होगा.
9 अप्रैल को होने वाले केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अब तक 55 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. करीब 40 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किसी भी वक्त किया जा सकता है. केरल में सांसदों की डिमांड वाली सीटों पर कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है. देखना होगा कि सांसदों के विधानसभा चुनाव ना लड़ाने को लेकर कांग्रेस आलाकमान अपना फैसला बदलता है या नहीं?
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