दो आदर्शों के आगे नतमस्तक... गांधी जयंती और दशहरे के मौके पर गौतम अदाणी ने दिया खास संदेश

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने देशवासियों से दशहरा और गांधी जयंती के मौके पर एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण की अपील की है, जहां शक्ति का उद्देश्य शांति हो.

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दशहरा और गांधी जयंती पर गौतम अदाणी का खास संदेश.
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  • गौतम अदाणी ने दशहरा और गांधी जयंती के अवसर पर देशवासियों को खास संदेश दिया.
  • उन्होंने कहा कि भारत दो आदर्शों के सामने नतमस्तक है, जो कि दशहरा और गांधी जयंती हैं.
  • गौतम अदाणी ने एक कविता शेयर की है, जिसमें गांधी जी के शाश्वत विचारों और उनके शांतिपूर्ण संघर्ष का जिक्र है.
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नई दिल्ली:

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने दशहरा और गांधी जयंती के अवसर पर एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करने की अपील देशवासियों से की है, जहां शक्ति का मार्गदर्शन सत्य करे. जहां शक्ति का उद्देश्य शांति हो. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि भारत आज दो आदर्शों के आगे नतमस्तक है. पहला दशहरा और दूसरा गांधी जयंती.

दो आदर्शों के आगे देश नतमस्तक

गौतम अदाणी ने कहा कि पहला आदर्श दशहरा है, जो कि अधर्म पर धर्म की जीत है. दूसरा आदर्श गांधी जयंती है, जो कि अत्याचार पर सत्य की जीत है. देश इन दोनों ही आदर्शों के आगे आज नतमस्तक है. इसके साथ ही अदाणी समूह के चेयरमैन ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य आज भी हमें रास्ता दिखाता है. बापू के शाश्वत संदेश को देती एक कविता भी उन्होंने एक्स पर शेयर की है.  

"सत्य-अहिंसा के पथ पर जो डटे रहे
अंधेरों में भी प्रकाश के दीप जले रहे
उन्होंने न कई शस्त्र उठाया
सिर्फ प्रेम का संदेश सारे जग में फैलाया
चरखे की गूंज में था उनका विश्वास
सादा जीवन ऊंचे विचार
बस यही था उनका प्रकाश
नमक सत्याग्रह से डोल उठा सारा हिंदुस्तान
गूंजा हर कोने में गांधी तेरा नाम
हर दिल में बसते थे, अपनापन लाते थे
दुश्मन को भी प्यार से अपना बनाते थे
उनकी राह दिखाती, बिना हिंसा के जीत
उनका जीवन सिखाता, इंसानियत की प्रीत
आज भी जब याद करते हैं हम उनका नाम
भर जाता है हृदय में गर्व और सम्मान
गांध जी हैं अमर, विचार हैं उनके महान
सत्य और अहिंसा से हमेशा रोशन रहेगा हिंदुस्तान"

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