AAP विधायक खरीद-फरोख्‍त मामला : मंत्री आतिशी का पुलिस पर 'नौटंकी' का आरोप, कहा- मजेदार है ये नोटिस

आतिशी ने कहा कि नोटिस ना एफआईआर है, ना ही समन है और ना ही इसमें आईपीसी-सीआरपीसी की कोई धारा है. कुल मिलाकर क्राइम ब्रांच 48 घंटे की नौटंकी के बाद चिट्ठी पकड़ाकर चले गए. 

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आतिशी ने कहा कि नोटिस ना कोई समन है और न ही इसमें कोई धारा लगाई गई है. (फाइल)
नई दिल्‍ली:

मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के आम आदमी पार्टी के विधायकों की खरीद-फरोख्‍त के प्रयास का आरोप लगाने के मामले में दिल्‍ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने उन्‍हें नोटिस थमाया है. इस मामले में पार्टी की वरिष्‍ठ नेता और मंत्री आतिशी (Atishi) को भी नोटिस दिया गया है, जिसे लेकर आतिशी ने दिल्‍ली पुलिस के अधिकारियों पर नौटंकी करने का आरोप लगाया और कहा कि मुझे उनके ऊपर दया आती है. उन्‍होंने कहा कि मैं क्राइम ब्रांच के राजनीतिक आकाओं को बताना चाहती हूं कि आपको भी पता है कि वह कौन लोग हैं, जो पिछले सात-आठ सालों से एक-एक करके विपक्षी सरकारों को तोड़ रहे हैं. साथ ही उन्‍होंने इस नोटिस को मजेदार कहा है. 

आतिशी ने कहा कि क्राइम ब्रांच के जो अफसर आए थे, हमें उनके ऊपर दया आती है क्योंकि जब पुलिस में आए होंगे तो प्रमोशन के बाद इंस्पेक्टर बने होंगे, एसीपी बने होंगे तो सोचा होगा कि पुलिस में आकर देश की सेवा करेंगे, महिला सुरक्षा करेंगे लेकिन आज उनके राजनीतिक आकाओं ने उन विचारों को टीवी की प्राइम टाइम नौटंकी बनाकर छोड़ दिया है. 

उन्‍होंने कहा कि जब हम उनसे पूछते हैं तो कहते हैं कि मीडिया के सामने बात नहीं कर सकते, अंदर आओ, तो पूरी दिल्ली और देश में क्या संदेश जाता है? 

उन्‍होंने कहा कि कल क्राइम ब्रांच वाले तीन-चार घंटे की नौटंकी के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक नोटिस दे गए, मेरे घर भी आकर दो-तीन घंटे की नौटंकी के बाद यह नोटिस देकर गए हैं. यह नोटिस मजेदार है, ना ये एफआईआर है, ना ही समन है और ना ही इसमें आईपीसी-सीआरपीसी की कोई धारा है. 

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इतनी राजनीतिक नौटंकी की जरूरत नहीं : आतिशी 

आतिशी ने कहा कि वह हमसे पूछना चाहते हैं कि आखिरकार किसने आम आदमी पार्टी के विधायकों को ऑफर दिया. उन्‍होंने कहा कि मैं दिल्ली पुलिस के राजनीतिक अकाउंट को बताना चाहती हूं कि आपको इतनी राजनीतिक नौटंकी करने की जरूरत नहीं है. यह वही लोग हैं जिन्होंने 2016 में उत्तराखंड में 9 कांग्रेस विधायकों को तोड़कर बीजेपी में शामिल करवाया. 2019 में गोआ में कांग्रेस के 14 विधायक तोड़कर बीजेपी में शामिल करवाया. जुलाई 2019 में कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के 17 विधायक टूटकर बीजेपी में चले गए. 2020 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 22 विधायक टूटकर BJP में शामिल हो गए और अभी कुछ दिन पहले महाराष्ट्र में जून 2022 में एकनाथ शिंदे के साथ विधायकों को तोड़ने आए थे, वही लोग आम आदमी पार्टी के विधायकों से संपर्क करने आए थे. 

उन्‍होंने कहा कि इन मामलों में जो करोड़ों रुपए लेकर विधायक को ढूंढ रहे थे, वही लोग आम आदमी पार्टी के विधायकों से संपर्क कर रहे थे. 

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सत्तारूढ़ विधायकों को खरीदने का लगाया था आरोप 

केजरीवाल और आतिशी ने 27 जनवरी को दावा किया था कि भाजपा, ‘आप' सरकार को गिराने के लिए सत्तारूढ़ दल के विधायकों को 25-25 करोड़ रुपये और अगले साल के विधानसभा चुनाव में टिकट की पेशकश कर उन्हें खरीदने का प्रयास कर रही है.

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