AAP ने "समान अवसर" के मुद्दे पर मुलाकात के लिए चुनाव आयोग से तत्काल समय देने की मांग की

आतिशी ने दावा किया कि इनकम टैक्स विभाग ने आम आदमी पार्टी विधायक के ठिकाने पर छापा मारा और दिल्ली में पार्टी कार्यालय को सील कर दिया गया.

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आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी को पुलिस ने कथित तौर पर पार्टी दफ्तर नहीं जाने दिया.
नई दिल्ली:

दिल्ली की मंत्री आतिशी ने शनिवार को कहा कि आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग से तत्काल समय मांगा है. आतिशी ने दावा किया कि शुक्रवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं की ओर से चुनाव आयोग का ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद आयकर विभाग ने आम आदमी पार्टी विधायक के ठिकाने पर छापा मारा और राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी का दफ्तर सील कर दिया गया.

आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली में पार्टी का कार्यालय सभी ओर से ‘‘सील'' कर दिया गया है. पार्टी चुनाव आयोग से इस मामले की शिकायत करेगी. दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव के दौरान एक राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय को कैसे बंद किया जा सकता है? यह भारतीय संविधान में दिए ‘समान अवसर' के खिलाफ है. हम इसके खिलाफ शिकायत करने के लिए चुनाव आयोग से वक्त मांग रहे हैं.''

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने 'आप' के कार्यालय को सील करने के आरोप का खंडन किया है. अधिकारी ने कहा कि डीडीयू मार्ग पर लोगों की भीड़ रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, क्योंकि वहां दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 144 लागू है.

पुलिस के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली और पंजाब से करीब 500 आप कार्यकर्ता और नेता बहादुरशाह जफर मार्ग स्थित शहीदी पार्क में एकत्र हुए. पुलिस उपायुक्त (मध्य) एम हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘इन लोगों ने एक जगह एकत्रित होने के लिए कभी कोई अनुमति नहीं ली थी और वे अचानक डीडीयू मार्ग की ओर बढ़ने लगे. चूंकि डीडीयू मार्ग पर धारा 144 लागू की गई थी, जहां राउज़ एवेन्यू अदालत और कई राजनीतिक दलों के कार्यालय हैं, (इसलिए) हमने उन्हें रोक दिया. हमने 25 लोगों को हिरासत में ले लिया और उन्हें संक्षिप्त अवधि के बाद रिहा कर दिया गया.''

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आतिशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में पार्टी कार्यालय को ‘‘सील'' करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संविधान द्वारा प्रदत्त ‘‘समान अवसरों'' के खिलाफ है. उन्होंने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव के दौरान एक राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय को कैसे बंद किया जा सकता है? यह भारतीय संविधान में दिए ‘समान अवसर' के खिलाफ है. हम इसके खिलाफ शिकायत करने के लिए निर्वाचन आयोग से वक्त मांग रहे हैं.''

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‘आप' के एक अन्य वरिष्ठ नेता और दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पार्टी कार्यालय के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए हैं. उन्होंने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘हम निर्वाचन आयोग जाएंगे, केंद्र सरकार ने आदर्श आचार संहिता लागू रहते हुए भी आईटीओ पर ‘आप' के मुख्य कार्यालय के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए हैं.''

आप नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अपने घर जा रही आतिशी को पुलिस ने बाराखंभा रोड के पास रोक लिया. भारद्वाज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्वाचन आयोग को एक निष्पक्ष संस्था के रूप में काम करना चाहिए और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए.

मध्य दिल्ली में आईटीओ के समीप डीडीयू मार्ग पर ‘आप' कार्यालय को भी शुक्रवार को पार्टी नेताओं तथा स्वयंसेवकों के बीजेपी मुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान बंद कर दिया गया था. पंडित दीन दयाल मार्ग पर ही बीजेपी और आम आदमी पार्टी के मुख्यालय स्थित हैं.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन्हें और आतिशी को पार्टी कार्यालय जाने से रोक दिया गया. उन्होंने पूछा कि चुनाव के दौरान किसी राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय को कैसे सील किया जा सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस गाड़ी से आतिशी घर जा रही थीं, उसे पुलिस ने रोका.

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आतिशी ने ‘एक्स' पर एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें वह दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के साथ बहस करती देखी जा सकती हैं, जबकि कुछ आप नेता पुलिस द्वारा रोके जाने पर विरोध जताने के लिए सड़क पर लेट गए.

उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग से तत्काल नियुक्ति की मांग की है. आतिशी ने यह भी कहा कि आप के मटियाला विधायक गुलाब सिंह के घर पर आयकर विभाग ने छापा मारा है.

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हालांकि, डीसीपी वर्धन ने कहा, 'आप कार्यालय को पुलिस ने कभी सील नहीं किया था. पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है क्योंकि डीडीयू मार्ग पर धारा 144 लागू है और किसी भी प्रकार की सभा निषिद्ध है.'

एक पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि आतिशी और उनके साथियों को घर जाने से नहीं रोका गया. उन्होंने कहा, 'चूंकि नई दिल्ली के पूरे जिले में धारा 144 लागू है, इसलिए उन्हें यह पूछने के लिए रोका गया था कि क्या वे कोई विरोध प्रदर्शन या सभा करने तो नहीं जा रहे हैं.'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अब निरस्त की जा चुकी आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले के संबंध में गिरफ्तार किए जाने के बाद 28 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया गया है.
(इनपुट एएनआई और भाषा से)

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