गलती से दानपात्र में गिरा श्रद्धालु का आईफोन, मंदिर बोला- अब यह हमारा है

दिनेश ने मंदिर प्रशासन को बताया कि कैसे पैसे चढ़ाते समय दान पेटी के अंदर उनका फोन गलती से गिर गया. दिनेश ने अनुरोध किया कि उनका फोन वापस कर दिया है.

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दिनेश ने आईफोन वापस करने के लिए चेन्नई हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ ट्रस्ट विभाग में याचिका दायर की थी.
नई दिल्ली:

18 अक्टूबर को दिनेश अपने परिवार के साथ तमिलनाडु के थिरुपौरूर कंदस्वामी मंदिर भगवान के दर्शन करने के लिए गए थे. दर्शन करने के बाद जब वो दान पेटी में पैसे डालने लगे तभी उनका फोन गलती से दान पेटी के अंदर गिर गया. करीब 1 लाख रुपये का महंगा आईफोन दान पेटी में गिरने के बाद उनके होश उड़ गए, वो तुरंत मंदिर प्रशासन के पास गए और पूरी कहानी सुनाई. दिनेश को लगा की वो पूरी घटना मंदिर प्रशासन को बताएंगे, जिसके बाद उन्हें उनका फोन मिल जाएगा. लेकिन जो कुछ हुआ शायद ही उसकी कल्पना दिनेश ने की होगी.

मंदिरवालों ने फोन देने से किया मना

दिनेश ने मंदिर प्रशासन को बताया कि कैसे पैसे चढ़ाते समय दान पेटी के अंदर उनका फोन गलती से गिर गया. दिनेश ने अनुरोध किया कि उनका फोन वापस कर दिया जाए. हालांकि मंदिर प्रशासन ने फोन वापस करने से मना कर दिया और कहा कि मंदिर में दान की गई सभी वस्तुएं भगवान की हो जाती है और उसे वापस नहीं किया जा सकता. साथ ही ये भी कहा कि दान पटी दो महीने बाद खोली जाएगी. 

दिनेश ने आईफोन वापस पाने के लिए चेन्नई हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ ट्रस्ट विभाग में याचिका दायर की. जिसमें कहा कि दान पेटी कब खोली जाएगी इसकी उन्हें जानकारी दी जाए. ताकि वो उस समय उपस्थित हो सकें.

  • थिरुपुरुर कंदस्वामी मंदिर एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है.

  • तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से भक्तों यहां आते हैं.

  • इस मंदिर में हर साल करोड़ों का चढ़ावा चढ़ता है

जब मंदिर के अधिकारियों ने शुक्रवार को दान पेटी खोली तो दिनेश भी वहां पहुंचे. हालांकि मंदिर ने उन्हें केवल फोन से अपना डेटा कॉपी करने और SIM लेने की अनुमति ही दी. 

जानकारी के अनुसार मंदिर के अधिकारियों ने जब दान पेटी खोली, तो उन्हें आईफोन के साथ 52 लाख रुपये और सोना-चांदी भी मिला, जो कि लोगों ने दान में चढा़ए थे.

इस मामले पर TOI से बात करते हुए मंदिर के कार्यकारी अधिकारी कुमारवेल ने कहा कि दान पेटी में आई चीजों पर मंदिर और भगवान का हक हो जाता है. परंपरा का पालन किया जाएगा और फोन को मंदिर के पास ही रखा जाएगा. हमें यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने इसे चढ़ावे के तौर पर दिया था या गिरा था. हो सकता है कि चढ़ावे के तौर पर देने के बाद उनका मन बदल गया हो.

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