पाकिस्तानी सेना के 35 से 40 जवान मारे गए, कई एयरबेस तबाह किए: 'ऑपरेशन सिंदूर' पर प्रेस ब्रीफिंग

DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि उन 9 आतंकी ठिकानों पर किए गए. हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे बड़े आतंकी शामिल हैं.

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ऑपरेशन सिंदूर पर सेना के तीनों अंगों की प्रेस कॉफ्रेंस.

DGMO Press Conference India: ऑपरेशन सिंदूर पर भारत के तीनों सेना की प्रेस ब्रीफिंग में 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से अभी तक के घटनाक्रमों के बारे में जानकारी दी गई. इस प्रेस ब्रीफिंग में DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर का मकसद आतंकवाद के साजिशककर्ताओं और उनके ठिकानों को तबाह करना था. हमने सीमा पार टेरर कैंप और इमारतों को पहचाना. खुफिया विभागों से इसकी पुष्टि होने के बाद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किए. इसमें 100 से आतंकी मारे गए. 

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन अटैक और एलओसी पर भारी गोलीबारी की घटनाएं बढ़ी. जिसका भारतीय सेना ने माकुल जवाब दिया. भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 35 से 40 जवान मारे गए. 

7-10 मई के बीच पाकिस्तान के 35-40 जवान मारे गए

भारत के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया, "ऑपरेश सिंदूर के बाद कुछ हवाई क्षेत्रों और डंपों पर हवा से लगातार हमले हुए, सभी को विफल कर दिया गया. पाकिस्तानी सेना ने बताया है कि 7 से 10 मई के बीच नियंत्रण रेखा पर तोपखाने और छोटे हथियारों से गोलीबारी में उसके लगभग 35 से 40 जवान मारे गए हैं..."

श्रीनगर से नलिया तक पाक का एयर अटैक, सभी नाकाम

एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा, "8 और 9 की रात को, 10:30 बजे से हमारे शहरों पर ड्रोन, मानवरहित हवाई वाहनों का व्यापक हमला हुआ, जो श्रीनगर से शुरू होकर नलिया तक गया. हम तैयार थे और हमारी हवाई रक्षा तैयारियों ने सुनिश्चित किया कि जमीन पर या दुश्मन द्वारा नियोजित किसी भी लक्षित लक्ष्य को कोई नुकसान न पहुंचे. 

लाहौर के पास से भारत पर किए जा रहे थे ड्रोन अटैक

उन्होंने आगे बताया कि पाकिस्तान के इस हमले के जवाब में हमने एक बार फिर गुजरांवाला में सैन्य प्रतिष्ठानों, निगरानी रडार स्थलों को निशाना बनाया. ड्रोन हमले सुबह तक जारी रहे, जिनका हमने मुकाबला किया. जबकि ड्रोन हमले लाहौर के निकट कहीं से किए जा रहे थे, दुश्मन ने अपने नागरिक विमानों को भी लाहौर से उड़ान भरने की अनुमति दे दी थी, न केवल उनके अपने विमान, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय यात्री विमान को भी, जो काफी असंवेदनशील था और हमें अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ी."

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DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने यह भी बताया कि, "8-9 मई की रात को, पाकिस्तान ने सीमाओं के पार हमारे हवाई क्षेत्र में ड्रोन और विमान उड़ाए और कई सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के बड़े पैमाने पर असफल प्रयास किए. पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा पर उल्लंघन फिर से शुरू हुआ और भीषण गोलाबारी हुई."

100 से अधिक आतंकी मारे गएः डीजीएमओ

प्रेस ब्रीफिंग की शुरुआत में DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि उन 9 आतंकी ठिकानों पर किए गए. हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे लक्ष्य शामिल थे, जो IC814 के हाईजैक और पुलवामा ब्लास्ट में शामिल थे. 

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पाकिस्तान के किन सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना, एयर मार्शल ने बताया

एयर मार्शल ए.के. भारती ने बताया , "...हमारी कार्रवाई में यह निर्णय लिया गया कि जहां चोट पहुंचे, वहां हमला किया जाए. इस दिशा में हमने पूरे पश्चिमी मोर्चे पर इसके वायु ठिकानों, कमांड सेंटरों, सैन्य बुनियादी ढांचे, वायु रक्षा प्रणालियों को नष्ट कर दिया. हमने जिन ठिकानों पर हमला किया, उनमें चकलाला, रफीक, रहीम यार खान शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि आक्रामकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके बाद सरगोधा, भुलारी और जैकोबाबाद पर हमले किए गए... हमारे पास इन ठिकानों और अन्य जगहों पर हर सिस्टम को निशाना बनाने की क्षमता है..."

इसके तुरंत बाद पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा का भी उल्लंघन किया गया और हमारे दुश्मन की अनिश्चित और घबराई हुई प्रतिक्रिया, दुर्भाग्यवश बड़ी संख्या में नागरिकों, बसे हुए गांवों और गुरुद्वारों जैसे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई। भारतीय वायुसेना ने इन हमलों में अहम भूमिका निभाई और इनमें से कुछ शिविरों पर हमला किया तथा भारतीय नौसेना ने सटीक हथियारों के मामले में साधन उपलब्ध कराए."

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