- असम के डिब्रूगढ़ में PM मोदी पूर्वोत्तर के पहला हाईवे आधारित इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे.
- यह 4.2 किलोमीटर लंबा एयरस्ट्रिप आपात स्थिति में फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और विमानों के लिए वैकल्पिक रनवे होगा.
- मोरान बाईपास पर स्थित यह एयरस्ट्रिप चीन सीमा से लगभग 300 किलोमीटर और म्यांमार सीमा से 200 किलोमीटर दूर है.
असम में सैन्य सामर्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का ऐतिहासिक प्रदर्शन हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्य के दौरे पर हैं, जहां डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर बने इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का उद्घाटन हुआ. यह पूर्वोत्तर का पहला हाईवे-आधारित एयरस्ट्रिप है, जिस पर लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर सीधे हाईवे पर उतरते दिखाई दिए.
16 फाइटर जेट ने 30 मिनट में किया टचडाउन
एक अधिकारी के मुताबिक, पीएम मोदी सुबह नई दिल्ली से चाबुआ एयरफोर्स बेस पहुंचे और वहां से इसी हाईवे एयरस्ट्रिप पर उतरे. इसके बाद लगभग 16 भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट्स ने मात्र 30 मिनट में टचडाउन और फ्लाईपास का प्रदर्शन किया.
4.2 किलोमीटर लंबी यह सुविधा आपात स्थितियों में फाइटर विमान, हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट विमानों के लिए वैकल्पिक रनवे का काम करेगी.
यह भी पढ़ें- असम दौरे पर PM मोदी, चुनावी राज्य को मिलेगी 5,450 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात, मोरान में देखेंगे एयर शो
रणनीतिक रूप से बेहद अहम- 300 किमी दूर चीन सीमा
मोरान से चीन की सीमा करीब 300 किलोमीटर और म्यांमार सीमा 200 किलोमीटर दूर है. ऐसे में यहां तैयार किया गया एयरस्ट्रिप पूर्वोत्तर की रक्षा तैयारियों को मजबूती देगा. अधिकारियों का कहना है कि यह एलएफ रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान पर बनाया गया है.
40 मिनट तक दिखेगा भारतीय वायुसेना का पराक्रम
राफेल, सुखोई, डॉर्नियर और AN-32 जैसे विमानों की सहभागिता के साथ यह एयरशो लगभग 40 मिनट तक चला, जिसमें हाईवे पर पहले फ्लाईपास, फिर टचडाउन और उसके बाद टेकऑफ जैसी प्रक्रियाएं प्रदर्शित की जाएंगी. बुधवार से ही इस एयरस्ट्रिप पर ट्रायल रन चल रहे हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.
यह भी पढ़ें- 1 घंटे का सफर मात्र 10 मिनट में... गुवाहाटी पर बना 6 लेन का पुल कितना खास? PM मोदी करेंगे उद्घाटन
इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी क्यों विशेष?
भारतीय वायुसेना के साथ समन्वय में बने इस एलएफ में-
- 40 टन तक के लड़ाकू विमान
- 74 टन अधिकतम वजन वाले ट्रांसपोर्ट विमान की सुरक्षित लैंडिंग संभव है.
- प्राकृतिक आपदा, युद्ध या अन्य आपात स्थिति में यह सुविधा राहत–बचाव कार्यों में बड़ी भूमिका निभाएगी.
एक्सप्रेसवे मॉडल पर बना हाईवे एयरस्ट्रिप
स्थानीय निवासी रंजन गोगोई का कहना है कि फोर-लेन हाईवे से आवाजाही आसान हो जाएगी और लड़ाकू विमानों की लैंडिंग देखना गर्व की बात है. यह एयरस्ट्रिप उसी मॉडल पर तैयार किया गया है, जिस पर 2021 में यूपी के सुल्तानपुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का एयरस्ट्रिप बनाया गया था, जहां पीएम मोदी ने खुद C-130J से लैंड किया था.













