क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस कर रही थी दरकिनार? दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करके दी ये नई जानकारी

कांग्रेस को दरकिनार करके नई पारी खेलने की तैयारी में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने महसूस किया था कि पार्टी द्वारा उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है, जिसकी वजह से उन्होंने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया.

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कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह- फाइल फोटो
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  • ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा
  • दिग्विजय सिंह ने उनके सवालों का दिया जवाब
  • उनसे पूछा गया कि सिंधिया का पार्टी छोड़ने का असली कारण क्या है?
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नई दिल्ली:

कांग्रेस को दरकिनार करके नई पारी खेलने की तैयारी में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने महसूस किया था कि पार्टी द्वारा उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है, जिसकी वजह से उन्होंने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया. इसी मामले पर दिग्विजय सिंह से कई सवाल पूछे गए. उनसे पूछा गया कि सिंधिया का पार्टी छोड़ने का असली कारण क्या है? क्या वाकई उन्हें पार्टी ने दरकिनार कर दिया था? इस पर उन्होंने एनडीटीवी से फोन पर बात की. साथ ही दिग्विजय सिंह ने सवालों के जवाब में एनडीटीवी के वीडियो को ट्वीट करते हुए इसके पीछे की पूरी जानकारी भी दी.

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उन्होंने ट्वीट के जरिए लिखा, ''दरकिनार करने का बिल्कुल भी सवाल नहीं उठता. बल्कि आप मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल क्षेत्र में किसी भी कांग्रेस नेता से व्यक्तिगत तौर पर पूछ सकते हैं और आपको मालूम पड़ जाएगा कि पिछले 16 महीनों में उनकी सहमति के बिना इस क्षेत्र में कुछ भी नहीं किया गया. दुखद, लेकिन मैं उन्हें मोदी-शाह के संरक्षण के तहत शुभकामनाएं देता हूं.''

बता दें कि ज्योतिरादित्य सिधिया ने कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया है. उनके मंगलवार को बीजेपी में शामिल होने के क़यास लगाए जा रहे थे. लेकिन बाद में ख़बर आई कि सिंधिया आज बीजेपी ज्वाइन नहीं कर रहे हैं. 12 मार्च को वो बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. इन सबके बीच कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल हैं क्योंकि सरकार के साथ रहे 21 विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिया है. माना जा रहा है कि इनमें ज़्यादातर ज्योतिरादित्य सिंधिया के क़रीबी हैं.

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दिल्ली से भोपाल तक बैठकों का भी दौर है. दिल्ली में बीजेपी चुनाव समिति की बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा शामिल हुए. चुनाव समिति की बैठक ख़त्म हो चुकी है. होली के दिन बगावत की शुरुआत सुबह साढ़े 10 बजे के आसपास हुई जब वो अमित शाह के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिये गए. दोनों अमित शाह की गाड़ी में साथ दिखे. सिंधिया ने अपने इस्तीफ़े को जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि वो कांग्रेस में रहकर अपने प्रदेश और देश की सेवा नहीं कर सकते हैं.

कुछ देर बाद ही कांग्रेस की प्रमुख सोनिया गांधी ने सिंधिया को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निकाल दिया. सारा विवाद मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर बढ़ा. कांग्रेस की एक सीट पर तो जीत एकदम पक्की है लेकिन दूसरी के लिए उसे बाहर के 2 विधायकों की ज़रूरत थी. कहा जा रहा है कि सिंधिया वो सीट चाहते थे जो एकदम पक्की है और जिसे दिग्विजय सिंह के लिये रखा गया है.

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