कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद बुधवार को भी मध्य प्रदेश में राजनीतिक उठापठक जारी है. जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में शामिल हो गए हैं, वहीं भाजपा और कांग्रेस अपने अपने विधायकों को बचाने में जुटी हुई हैं. मध्य प्रदेश में संकट से घिरी कमलनाथ सरकार को सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने कदमताल तेज कर दी है. इसी के चलते तीन बड़े नेताओं को दिल्ली से भोपाल भेजा जा रहा है. यह नेता हालात का अध्ययन कर पार्टी हाईकमान केा अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे. राज्य की कांग्रेस सरकार पूर्ण बहुमत वाली नहीं है, वह बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से चल रही है. इस स्थिति में 22 विधायकों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद सरकार के अल्पमत में आने के आसार है. 19 विधायक बैंगलुरु में है, वहीं तीन विधायक राज्य में भी है, एक विधायक बिसाहू लाल सिंह तो विधायक पद से इस्तीफा देने के साथ ही भाजपा के प्रदेश दफ्तर में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं.
MP Govt Crisis Updates in Hindi:-
मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया ने कहा, ''कांग्रेस की सरकार रहेगी, कमलनाथ की सरकार रहेगी. 16 तारीख को देखिएगा जितने नंबर थे उतने ही रहेंगे. सब वापस आएंगे. जाने दीजिए उन्हें (सिंधिया), पुराना इतिहास है, जनसंघ उन्हीं के घर से पैदा हुआ था. अकेले जाने से कुछ नहीं होता, अब राजा-महाराजा के दिन गए.''
मैहर के विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा, ''मेरी माता जी का निधन होने के कारण मैं विधायक दल की बैठक में नहीं आ सका. मेरे त्यागपत्र की कोई बात नहीं हुई है और ना मैं देना चाहता हूं. मैं भाजपा में था, भाजपा में हूं और भाजपा में रहूंगा.''
एनडीटीवी के संवाददाता को मिली जानकारी के मुताबिक, ''कांग्रेस विधायकों को आज जयपुर के ब्यूना विस्टा रिजॉर्ट में शिफ्ट किया जा सकता है. कांग्रेस विधायकों को हवाई अड्डे पर ले जाने के लिए भोपाल में मुख्यमंत्री के घर के अंदर तीन बसें तैयार हैं, जहां से उनके जयपुर रवाना होने की संभावना है.''














