...जब भारी बर्फबारी के बीच आर्मी की जिप्सी में हुआ नन्हीं परी का जन्म, बच्ची और मां दोनों स्वस्थ

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा स्थित कालारूस में सोमवार की सुबह करीब सवा चार बजे महिला को प्रसव पीड़ा हुई, भारी बर्फबारी के बीच एंबुलेंस की सुविधा न हो पाने के कारण आर्मी की जिप्सी में एक बच्ची का जन्म हुआ. हालांकि मां और बच्ची दोनों ही स्वस्थ है.  

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बर्फबारी के बीच आर्मी की जिप्सी में हुई बच्ची की डिलेवरी, मां भी स्वस्थ
कुपवाड़ा:

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा स्थित कालारूस में सोमवार की सुबह करीब सवा चार बजे महिला को प्रसव पीड़ा हुई, भारी बर्फबारी के बीच एंबुलेंस की सुविधा न हो पाने के कारण आर्मी की जिप्सी में एक बच्ची का जन्म हुआ. हालांकि मां और बच्ची दोनों ही स्वस्थ है.

मंगलवार की सुबह लगभग 4:15 बजे जब बर्फबारी हो रही थी, तभी कालारूस कंपनी कमांडर को एक आशा वर्कर की तरफ से इमरजेंसी कॉल आई कि नारीकूट में मरीज के प्रसव पीड़ा शुरू हुआ है. बर्फबारी के कारण एंबुलेस नहीं भेजा जा सकता था, जिसके बाद महिला की डिलेवरी के लिए तत्काल रूप से आर्मी जिप्सी के साथ एक मेडिकल टीम नारिकूट भेजी गई. अस्पताल जाते वक्त मरीज की हालात गंभीर थी, जिसके कारण आशा वर्कर ने सड़क के किनारे ही गाड़ी खड़ी करने के लिए अनुरोध किया. कम दृश्यता व बर्फबारी की स्थिति में सेना की मेडिकल टीम ने जिप्सी के अंदर ही डिलिवरी कराने का फैसला लिया.

जिप्सी के अंदर से एक स्वस्थ बच्ची के रोने की आवाज़ सुनाई दी और वही उसके इस दुनिया में आने की घोषणा भी हुई. प्रसव में शामिल सभी लोगों के चेहर पर खुशी की झलक देखने को मिली. साथ ही साथ उसके पिता की आंखों में आंसू आ गए.

बच्चे के जन्म के बाद महिला और नवजात शिशु को कालारूस अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया. कंपनी कमांडर ने परिवार को उपहार के साथ बधाई दिया और बहादुर आशा कार्यकर्ता, सादिया बेगम को सेना मेडिक्स में उनके आत्मविश्वास और विषम परिस्थितियों में उनकी निर्णायकता के लिए सम्मानित किया गया.

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