Pelvic Organ Prolapse: क्या है पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Symptoms Of Prolapse: किसी भी महिला के पेल्विक अंगों में मूत्राशय, गर्भाशय यानी कि यूटरस और मलाशय शामिल होता है. ये सारे ऑर्गन बहुत स्ट्रॉन्ग टिश्यूस से एक दूसरे से कनेक्ट रहते हैं, जिसमें फैशिया और लिगामेंट्स शामिल होते हैं.

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Pelvic Organ Prolapse: ये सारे ऑर्गन बहुत स्ट्रॉन्ग टिश्यूस से एक दूसरे से कनेक्ट रहते हैं.

पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है. इस समस्या को समझने से पहले ये जान लेना चाहिए कि पेल्विक हिस्सा कौन सा होता है. किसी भी महिला के पेल्विक अंगों में मूत्राशय, गर्भाशय यानी कि यूटरस और मलाशय शामिल होता है. ये सारे ऑर्गन बहुत स्ट्रॉन्ग टिश्यूस से एक दूसरे से कनेक्ट रहते हैं, जिसमें फैशिया और लिगामेंट्स शामिल होते हैं. यही टिश्यूज पेल्विक में आने वाले इन सारे ऑर्गन को पेल्विस के अंदर रखते हैं. फैशिया या लिगामेंट्स के कमजोर होने की स्थिति या फिर उनके कटने-फटने या खिंचने से इन अंगों पर पकड़ ढीली हो जाती है. इसके बाद हो सकता है कि आपके पेल्विक अंग अपनी सही जगह छोड़ कर कुछ नीचे की तरफ आ जाएं.

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क्या हैं प्रोलैप्स के लक्षण? | Symptoms Of Prolapse?

पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स को समझना है तो इन लक्षणों पर नजर बना कर रखें.

  • पेल्विक क्षेत्र में भारीपन हो या खिंचाव लगे या किसी गांठ के होने का अहसास 
  • बार बार यूरिनरी इन्फेक्शन होना.
  • कब्ज या कॉन्स्टिपेशन जैसा महसूस होना या फिर पूरी तरह मल त्याग न कर पाना
  • गंभीर स्थिति में आपके इनर वियर्स से टकराने की वजह से आपको दर्द भी महसूस होना

प्रोलैप्स से बचाव (Prevention Of Prolapse)

प्रोलैप्स से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है एक्सरसाइज करना. अगर आप नियमित एक्सरसाइज करते हैं तो आपकी मांसपेशियां, टिश्यूज कमजोर नहीं पड़ेंगे, जिससे आपको प्रोलैप्स का सामना नहीं करना पड़ेगा. महिलाओं को अक्सर हिदायत दी जाती है कि वो पेट के बल भारी सामान न उठाएं. इसका सबसे बड़ा कारण प्रोलैप्स ही है. भारी सामान उठाने का असर सीधे पेल्विक एरिया के टिश्यू और मसल्स पर पड़ता है, जिससे उनके कमजोर होने का डर होता है.

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कब्ज और मोटापा भी बन सकते हैं परेशानी:

कब्ज की परेशानी हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं, हो सकता है कि कब्ज सिर्फ पेट या पाचन में गड़बड़ी की वजह से नहीं बल्कि प्रोलैप्स की वजह से हो. जोर से खांसने की आदत भी मुश्किल खड़ी कर सकती है. अगर आपको हर बार जोर से खांसी आती है तो प्रोलैप्स होने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं. अगर आपका वजन काबू से बाहर है तो प्रोलैप्स होने की संभावना बढ़ सकती हैं. इसलिए वेट कंट्रोल करना भी जरूरी है.

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अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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