Tulsi health benefits: भारत में तुलसी को एक पवित्र पौधा के साथ ही बड़ी संख्या में परिवारों के बीच मां के बराबर माना जाता है. सिर्फ धार्मिक या पौराणिक मान्यताओं की वजह से नहीं बल्कि अपार चिकित्सीय महत्व के कारण भी तुलसी के पौधे हर भारतीय घरों में मौजूद होते हैं. तुलसी के सुगंधित पौधे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं और पारंपरिक रूप से खांसी के इलाज में और इम्यूनिटी सिस्टम को बूस्ट करने के साथ ही सेहत से जुड़ूी कई समस्याओं के घरेलू इलाज के रूप में तुलसी का इस्तेमाल किया जाता रहा है.
बेली फैट कम करने के लिए तुलसी का इस्तेमाल कैसे करें? (How to use Tulsi to reduce belly fat?)
Vajan Kaise Kam Kare Kya Khaye: मेडिकल जगत में सामने आए एक नए अध्ययन से पता चलता है कि पवित्र तुलसी जिसे ओसीमम टेनुइफ्लोरम के रूप में भी जाना जाता है, कई तरीके से वजन घटाने में भी मदद कर सकती है.इन तरीके में चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को बढ़ावा देना, पाचन में सुधार और पेट की चर्बी (बेली फैट) कम करना शामिल है. इंडियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री में साल 2016 में प्रकाशित शोध के अनुसार, जिन प्रतिभागियों ने 8 सप्ताह तक रोज़ाना दो बार तुलसी के कैप्सूल का सेवन किया, उनके शरीर के वजन और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) दोनों में सुधार हुआ.
वजन घटाने में तुलसी कैसे मदद कर सकती है? (How can Tulsi help in weight loss?)
हालांकि, वजन घटाने (Vajan KAise ghataye) के लिए अकेले तुलसी पर ही पूरी तरह से निर्भर नहीं रहा जा सकता है, लेकिन यह कई तरीकों से वजन प्रबंधन की कोशिशों को सपोर्ट कर सकती है. तुलसी शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है, मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाती है और खाए गए भोजन को प्रोसेस करने और कैलोरी को तेजी से जलाने में मदद करती है. ये सारी प्रक्रियाएं शरीर के वजन को घटाने में मदद कर सकती है.
तनाव को कम करने में कैसे मदद करती है तुलसी? (How does Tulsi help in reducing stress?)
जड़ी बूटी के रूप में तुलसी एक एडाप्टोजेन के रूप में काम करती है, जो शरीर को तनाव के स्तर को मैनेज करने में मदद करती है. तुलसी की पत्तियां शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को भी कम करती है. तनाव कम होने से अपनेआप वसा का कम भंडारण और अधिक प्रभावशाली वजन प्रबंधन शुरू हो जाता है.
Motapa Kaise Dur Kare: तुलसी के पत्ते गट हेल्थ को फायदा पहुंचाते हैं और सूजन को कम करते हैं. वजन घटाने के लिए तुलसी के पत्ते का सेवन करना फायदेमंद है क्योंकि यह वसा और कार्बोहाइड्रेट के पाचन में सुधार कर सकता है. यह अपच के कारण वजन बढ़ने से रोकते हुए पोषक तत्वों के टूटने और अवशोषण में भी मदद कर सकता है. तुलसी के पत्ते भूख बढ़ाने वाले हार्मोन घ्रेलिन को नियंत्रित करके भी वजन प्रबंधन का काम करता है.
तुलसी से कैसे मोटापा पर काबू पाया जा सकता है? (How can obesity be controlled with Tulsi?)
Pet ki Charbi Kaise Hataye | Tulsi ke Fayde | vajan kam karne ke upay: फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन में प्रकाशित 2022 के एक अध्ययन ने पुष्टि की है कि तुलसी में तनाव-रोधी, एडाप्टोजेनिक, एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी गुण होते हैं. वहीं, 2018 में जर्नल ऑफ फंक्शनल फूड्स के शोध ने ब्लड शुगर लेवल को कम करने में तुलसी के असर को दिखाया.ब्लड शुगर लेवल स्थिर हो तो यह अधिक खाने और वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार भूख और लालसा की भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसकी वजह से मोटापा पर काबू पाया जा सकता है.
वजन घटाने के लिए तुलसी का सेवन कैसे करें? (How to consume Tulsi for weight loss?| Vajah ghatane ke liye Tulsi ke Fayde)
वजन घटाने के लिए तुलसी का सेवन करने के कई तरीके हैं. इनमें प्रमुख रूप से तुलसी पत्ती की चाय पीना, इसे नींबू पानी या शहद के साथ मिलाकर पीना, तुलसी के पत्तों के पाउडर का इस्तेमाल करना, सप्लीमेंट लेना या सलाद में तुलसी के बीज को मिलाना शामिल है. आइए, इन तरीके के बारे में विस्तार से जानें.
तुलसी की चाय के लिए: 8-10 ताज़ी पत्तियों या 1 चम्मच सूखे पत्तों को 10 मिनट के लिए उबले पानी में भिगोएं. इसे रोजाना एक या दो बार पी सकते हैं. आम तौर पर भूख को कम करने और पाचन में सुधार करने के लिए सुबह खाली पेट या खाने से पहले इसे पीना ज्यादा फायदेमंद है.
नींबू के साथ मिलाते समय: उबले पानी में 5-7 ताज़ी पत्तियों को भिगोएं और आधे नींबू का रस मिलाएं. तुलसी को नींबू के साथ मिलाकर पीने से वजन घटाने में और मदद मिलती है. नींबू पाचन में सहायता करता है, चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को बढ़ाता है और ब्लड शुगर लेवल को संतुलित करता है.
शहद के साथ मिलाने के लिए: तुलसी की 8 पत्तियों को भिगोएं और गर्म करने के बाद उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं. शहद एक प्राकृतिक स्वीटनर है जो खासकर हाई कैलोरी वाली मिठाइयों के लिए लालसा (क्रेविंग) को कम कर सकता है.
सप्लीमेंटरी डाइट या कैप्सूल के रूप में तुलसी के सेवन के लिए आमतौर पर स्टैंडर्ड खुराक रोजाना 1 से 2 कैप्सूल (500 से 1000 मिलीग्राम) होती है, लेकिन इसे लेने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर ले लें.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)