Parenting Tips for Father of a daughter: किशोरावस्था (Teenage) का दौर बच्चों और माता-पिता दोनों के लिए बहुत नाज़ुक होता है. ख़ासकर जब बात 13 साल की बेटी की हो, तो पिता और बेटी के रिश्ते में तालमेल बिठाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. पिता अक्सर सोचते हैं कि वो प्यार से हर बात कह सकते हैं, लेकिन उन्हें यह जानना ज़रूरी है कि 13 की बेटी से पिता को अकेले में कभी नहीं करनी चाहिए ये 5 बातें, वरना उनकी बेटी उनसे दूर हो सकती है. आज हम आपको बताएँगे कि कौन सी बातें आपके रिश्ते को बिगाड़ (Teenage Psychology) सकती हैं और अगर आप इन बातों को ध्यान नहीं रखेंगे, तो बेटी धीरे-धीरे हाथ से निकल जाएगी.
असल में, टीनएज में बच्चे आज़ादी और सम्मान चाहते हैं. पिता का हर बात में टोकना या जज करना (Judge Karna) उन्हें बुरा लगता है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी बेटी आपसे हर बात शेयर करे, तो आपको अपनी बात कहने का तरीका बदलना होगा.
पिता को अकेले में टाल देनी चाहिए ये 5 बातें (5 Communication Mistakes)
ये पाँच बातें, अगर अकेले में आलोचना (Criticism) या शक़ के लहजे में कही जाएं, तो रिश्ते में तुरंत दरार ला सकती हैं:
1. दोस्तों या दूसरों से तुलना करना : बेटी को यह कहना कि, "तुम्हारी सहेली तो कितनी संस्कारी है" या "हमारे ज़माने में लड़कियां ऐसा नहीं करती थीं" सीधे उसके दिल को चोट पहुँचाता है.
नुकसान: तुलना करने से वह महसूस करेगी कि आप उसे वैसे ही स्वीकार नहीं करते जैसी वह है. वह आपसे झूठ बोलना या दोस्तों की बातें छिपाना शुरू कर देगी.
2. उसके पहनावे या शरीर पर हर बात पर टोकना : यह उम्र शरीर में बदलाव का होता है, और लड़कियां खुद को लेकर पहले से ही असहज होती हैं. अगर आप उसके कपड़ों पर बार-बार सख्त कमेंट करते हैं, या उसके वज़न (Body Weight) पर बोलते हैं, तो यह आत्म-सम्मान (Self-esteem) को ठेस पहुंचाता है.
नुकसान: बार-बार टोकने से वह शर्मिंदा महसूस करेगी और आपसे बात करना बंद कर देगी.
3. उसके सीक्रेट क्रश या लड़कों की दोस्ती को मज़ाक बनाना : अगर बेटी हिम्मत करके आपको किसी क्रश या लड़के दोस्त के बारे में बताती है, तो उसका मज़ाक उड़ाना या बात को बहुत ज़्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना, सबसे बड़ी गलती है.
नुकसान: जब वह देखती है कि आप मज़ाक बना रहे हैं, तो वह भविष्य में आपसे हर ज़रूरी बात छिपाएगी, खासकर जब उसे सच में मदद की ज़रूरत होगी.
4. निजता में दखल देना या ताक-झाँक करना : बिना पूछे उसका फ़ोन चेक करना, उसका डायरी पढ़ना या उसके दोस्तों की जासूसी करना. भले ही पिता सुरक्षा की भावना से ऐसा करते हों, लेकिन बेटी के लिए यह विश्वासघात (Betrayal of Trust) है.
नुकसान: यह सीधे-सीधे संदेश देता है कि आप उस पर भरोसा नहीं करते. भरोसा टूटने पर बेटी आपसे भावनात्मक रूप से दूर चली जाएगी.
5. करियर या भविष्य के फैसले ज़बरदस्ती थोपना : इस उम्र में बच्चों के मन में कई सपने होते हैं. अगर आप अकेले में उसे यह कहते हैं कि "तुम डॉक्टर ही बनोगी, तुम्हारे पास कोई और रास्ता नहीं है," तो वह दबाव महसूस करेगी.
नुकसान: उसे लगेगा कि उसकी अपनी कोई राय नहीं है. इससे वह विद्रोह (Rebellion) कर सकती है या अपनी पसंद आपसे छिपा सकती है.
तो फिर सही तरीका क्या है?
समझदारी इसी में है कि पिता, दोस्त बनकर बात करें:
सुनें ज़्यादा, बोलें कम: वह क्या कह रही है, उसे ध्यान से सुनें.
सकारात्मक संवाद: आलोचना के बजाय समाधान पर बात करें.
सुरक्षा पर फोकस: पहनावे या दोस्ती पर बात करते समय, हमेशा सुरक्षा (Safety) और सम्मान पर ध्यान दें, न कि जजमेंट पर.
याद रखें, विश्वास बनाए रखना ही सबसे बड़ी parenting skill है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














