Nipah Virus Update: कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर में चमगादड़ों की जांच, RT-PCR टेस्ट शुरू

Nipah Virus Alert: सूत्रों के मुताबिक, NIMR की एक विशेषज्ञ टीम ने गुरुवार और शुक्रवार की सुबह अलीपुर चिड़ियाघर में मौजूद चमगादड़ों से ब्लड सैंपल और स्वैब सैंपल इकट्ठा किए.

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Nipah virus India Update: अधिकारियों का कहना है कि जांच के नतीजे आने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं.

Nipah Virus Update: देश में एक बार फिर निपाह वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं. इसी कड़ी में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च (NIMR) ने कोलकाता के दक्षिणी हिस्से में स्थित अलीपुर चिड़ियाघर में मौजूद चमगादड़ों की जांच शुरू कर दी है. इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं ये चमगादड़ निपाह वायरस के वाहक (Carrier) तो नहीं हैं.

क्यों हो रही है चमगादड़ों की जांच?

निपाह वायरस को एक ज़ूनोटिक बीमारी माना जाता है, यानी यह वायरस जानवरों से इंसानों में फैल सकता है. वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, फल खाने वाले चमगादड़ (Fruit Bats) इस वायरस के प्राकृतिक होस्ट माने जाते हैं. इसी वजह से जब भी किसी इलाके में निपाह के मामले सामने आते हैं, तो सबसे पहले चमगादड़ों की जांच की जाती है.

अलीपुर चिड़ियाघर में क्या हुआ?

सूत्रों के मुताबिक, NIMR की एक विशेषज्ञ टीम ने गुरुवार और शुक्रवार की सुबह अलीपुर चिड़ियाघर में मौजूद चमगादड़ों से ब्लड सैंपल और स्वैब सैंपल इकट्ठा किए. यह पूरी प्रक्रिया सुबह तड़के पूरी की गई, ताकि आम लोगों और चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो. टीम ने सूरज निकलने से पहले अपना काम खत्म कर लिया और वहां से लौट गई.

RT-PCR टेस्ट से होगी पुष्टि

चमगादड़ों से लिए गए सैंपल्स को RT-PCR (Reverse Transcription Polymerase Chain Reaction) टेस्ट के लिए भेजा गया है. यह वही टेस्ट है, जिसका इस्तेमाल कोरोना जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान में किया गया था. इस जांच में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) राज्य के स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इसके अलावा, राज्य का वन विभाग भी इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग कर रहा है.

क्यों चुना गया अलीपुर चिड़ियाघर?

कोलकाता शहर में अलीपुर चिड़ियाघर ही एक ऐसा स्थान है, जहां बड़ी संख्या में चमगादड़ पाए जाते हैं. इससे पहले उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम, बारासात और बशीरहाट इलाकों में भी चमगादड़ों की जांच की जा चुकी है. अब कोलकाता में भी एहतियातन यह कदम उठाया गया है.

वन विभाग की अनुमति क्यों जरूरी?

राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक और मुख्य वन्यजीव वार्डन संदीप सुंद्रियाल के अनुसार, चमगादड़ों को पकड़ने और उनके सैंपल लेने के लिए वन विभाग की अनुमति जरूरी होती है. स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए औपचारिक अनुरोध किया था, जिसे वन विभाग ने मंजूरी दे दी.

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नतीजों में लगेगा थोड़ा वक्त

अधिकारियों का कहना है कि जांच के नतीजे आने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं. तब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाएगा कि अलीपुर चिड़ियाघर के चमगादड़ निपाह वायरस से संक्रमित हैं या नहीं. इसी बीच विशेषज्ञ टीम शनिवार को नदिया जिले में भी इसी तरह चमगादड़ों के सैंपल इकट्ठा करने जा रही है.

निपाह वायरस के हालिया मामले

यह पूरी कवायद तब शुरू हुई, जब पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले सामने आए. इन मामलों की पुष्टि AIIMS कल्याणी स्थित VRDL लैब में हुई थी. दोनों संक्रमित व्यक्ति नर्स हैं और फिलहाल एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है. सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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