Nick Jonas Lost His Friend Maya Kibbel Due To Wilson's Disease: मशहूर सिंगर निक जोनस की करीबी दोस्त माया किब्बेल का 30 साल की उम्र में निधन हो गया. बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से विलसन्स डिजीज (Wilson's disease) नाम की एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रही थीं. उनकी मौत के बाद यह बीमारी फिर चर्चा में आ गई है. विलसन्स डिजीज एक ऐसी आनुवंशिक बीमारी (Heredietary Disease) है जिसमें शरीर में तांबा यानी कॉपर (Copper) जरूरत से ज्यादा जमा होने लगता है. अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह शरीर के कई जरूरी अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है.
क्या होती है विलसन्स डिजीज ?
विलसन्स डिजीज एक जेनेटिक (Genetic) यानी वंशानुगत बीमारी है. इसका मतलब है कि यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में जा सकती है. सामान्य रूप से हमारा लिवर (liver) शरीर में मौजूद अतिरिक्त कॉपर (Copper) को बाहर निकाल देता है. लेकिन इस बीमारी में लिवर यह काम सही तरीके से नहीं कर पाता. इसके कारण कॉपर धीरे-धीरे शरीर में जमा होने लगता है. यह सबसे ज्यादा लिवर, दिमाग और आंखों को प्रभावित करता है.
क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
इस बीमारी के लक्षण कई बार सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं, इसलिए शुरुआत में इसे पहचानना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. मरीज को पीलिया (Jaundice), ज्यादा थकान, पेट में सूजन (Swelling) या भूख कम लगने जैसी समस्या हो सकती है. कुछ लोगों में हाथ कांपना, बोलने में परेशानी, मांसपेशियों में जकड़न (Tightness) या चलने में दिक्कत भी देखी जा सकती है. इसके अलावा कुछ मरीजों में मानसिक बदलाव भी दिखाई देते हैं. जैसे अचानक मूड बदलना, चिड़चिड़ापन, चिंता (Tension) या डिप्रेशन (Depression)जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
आंखों में दिख सकता है खास संकेत
विलसन्स डिजीज का एक खास संकेत आंखों (Eyes) में दिखाई देता है. इसे Kayser-Fleischer ring कहा जाता है. इसमें आंख की पुतली (Pupil) के किनारे भूरा या जंग जैसा घेरा बन जाता है. यह आंखों में जमा हुए कॉपर की वजह से होता है और डॉक्टर खास जांच के जरिए इसे पहचान सकते हैं.
क्यों खतरनाक हो सकती है यह बीमारी?
अगर इस बीमारी का समय पर इलाज न हो तो यह लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है. कुछ मामलों में लिवर फेलियर (Liver Failure) या दिमाग (Brain) से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर बीमारी जल्दी पकड़ में आ जाए तो इसे दवाओं की मदद से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.
क्या है इस बीमारी का इलाज?
विलसन्स डिजीज का इलाज लंबे समय तक चलता है. डॉक्टर ऐसी दवाएं देते हैं जो शरीर में जमा कॉपर को कम करने में मदद करती हैं. कुछ दवाएं कॉपर के अवशोषण को भी रोकती हैं. गंभीर मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant) की जरूरत भी पड़ सकती है.
अगर किसी युवा को लिवर की समस्या के साथ हाथ कांपने या आंखों में असामान्य बदलाव जैसे लक्षण दिखें तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए. जल्दी पहचान इस बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा तरीका है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














