मेघालय में 10,293 लोग ले रहे HIV का इलाज, हर साल 75 मौतें एचआईवी/एड्स के चलते

मेघालय में जनवरी 2026 तक एचआईवी से पीड़ित 10,293 से ज्यादा लोग एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) ले रहे हैं। राज्य विधानसभा को बुधवार को यह जानकारी दी गई.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
शिलांग:

मेघालय राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष रूप से एचआईवी संक्रमण की स्थिति को लेकर विधानसभा में एक महत्वपूर्ण चर्चा हुई है. ताजा आंकड़ों के अनुसार मेघालय में जनवरी 2026 तक एचआईवी संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है और वर्तमान में 10,293 से अधिक लोग एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी यानी एआरटी का लाभ उठा रहे हैं. यह जानकारी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री वैलादमिकी शायला ने सदन में एक प्रश्नकाल के दौरान साझा की. विधानसभा में विधायक मेहताब चांदी ए संगमा द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने राज्य की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया.

पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो मेघालय में एचआईवी और एड्स से संबंधित जटिलताओं के कारण अब तक 749 लोगों की जान जा चुकी है. जिलों के आधार पर मौतों के आंकड़ों को देखें तो ईस्ट खासी हिल्स जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा है जहां 435 मौतें दर्ज की गई हैं. इसके बाद वेस्ट जैंतिया हिल्स में 123 और ईस्ट जैंतिया हिल्स में 90 मौतें हुई हैं.

राज्य के अन्य जिलों में यह संख्या तुलनात्मक रूप से कम है. हालांकि मंत्री ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि इनमें से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु सीधे तौर पर एचआईवी वायरस की वजह से नहीं हुई है. चिकित्सा विज्ञान के अनुसार एचआईवी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है जिससे मरीज अन्य बीमारियों या ओपर्चुनिस्टिक इंफेक्शन की चपेट में आ जाते हैं. इन मौतों का मुख्य कारण यही संक्रमण रहे हैं.

स्वास्थ्य विभाग के सामने इस बीमारी से लड़ने में कई कानूनी और सामाजिक बाधाएं भी आ रही हैं. एचआईवी और एड्स रोकथाम व नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किसी भी व्यक्ति की एचआईवी स्थिति को पूरी तरह गोपनीय रखना अनिवार्य है. स्वास्थ्य विभाग किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी जांच नहीं कर सकता और न ही किसी मरीज को जबरन दवा लेने के लिए मजबूर किया जा सकता है. समाज में इस बीमारी से जुड़ी बदनामी या स्टिग्मा एक ऐसी दीवार है जो लोगों को खुलकर सामने आने और इलाज कराने से रोकती है. यही कारण है कि कई बार मरीज अपनी बीमारी छुपाते हैं जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है.

इन चुनौतियों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा के नेतृत्व में मेघालय सरकार ने एक दूरदर्शी कदम उठाया है. राज्य कैबिनेट ने एचआईवी के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने के लिए पांच साल के मिशन मोड प्रोग्राम को मंजूरी दी है. इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का विशेष बजट आवंटित किया गया है.

इस फंड का उपयोग राज्य भर में टेस्टिंग सुविधाओं को आधुनिक बनाने, चिकित्सा कर्मियों की संख्या बढ़ाने और ग्रामीण इलाकों तक पहुंच बनाने के लिए किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि शुरुआती चरण में ही संक्रमण का पता लगाकर उचित उपचार शुरू किया जा सके.

Advertisement

Also Read: मिजोरम में HIV रेट नेशनल एवरेज से 13 गुना ज्यादा, जानें एचआईवी क्यों होता है और किन लोगों को ज्यादा रिस्क

विधानसभा में चर्चा के दौरान वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी के विधायक अर्देंट बसियावमोइट ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई. इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार सामुदायिक संस्थाओं के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर काम कर रही है. विधायकों की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एचआईवी पर एक विशेष असेंबली फोरम का गठन किया गया है.

Advertisement

यहां तक कि विधायकों ने व्यक्तिगत रूप से योगदान देकर संक्रमित मरीजों की सहायता के लिए एक वाहन भी दान किया है. यह कदम दर्शाता है कि राज्य का नेतृत्व इस स्वास्थ्य संकट को लेकर कितना गंभीर है.

मंत्री ने सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि आज के समय में एचआईवी कोई मौत की सजा नहीं है. हालांकि इसका कोई स्थाई इलाज अभी तक नहीं खोजा गया है लेकिन एआरटी दवाओं के नियमित सेवन से मरीज एक सामान्य और सम्मानजनक जीवन जी सकता है. मेघालय सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए राज्य में 392 इंटीग्रेटेड काउंसलिंग और टेस्टिंग सेंटर स्थापित किए हैं. इसके अलावा दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए चार मोबाइल आईसीटीसी वैन भी संचालित की जा रही हैं.

Advertisement

सरकार की यह कोशिश है कि समाज के हर तबके तक जागरूकता पहुंचे ताकि लोग बिना किसी डर के अपनी जांच करा सकें और समय पर इलाज शुरू कर सकें. मेघालय का यह मिशन मोड प्रोग्राम आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकता है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

Advertisement
Featured Video Of The Day
'इसके आगे शंकराचार्य लगाना भी बहुत बड़ा पाप, जल्द ही...' आशुतोष ब्रह्मचारी का EXCLUSIVE Interview