दांत, पीरियड्स और गठिया के दर्द को कम करने के लिए खाते हैं ये पेनकिलर तो रुक जाएं, सरकार ने जारी किया अलर्ट

Meftal Adverse Reaction: मेफ्टाल दर्दनिवारक रूमेटॉइड गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, हल्के से मध्यम दर्द, सूजन, बुखार और दांत दर्द के इलाज के लिए दी जाने वाली दवाई है.

विज्ञापन
Read Time: 24 mins
मेफ्टाल एक दर्द निवारक दवा है.

Meftal Painkiller Uses: भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) ने मेफ्टाल पेनकिलर के बारे में एक ड्रग सेफ्टी वार्निंग जारी की है, जिसमें कहा गया है कि इसमें मौजूद कॉम्पोनेंट मेफेनैमिक एसिड, रिएक्शन का कारण बन सकता है. जो लोग दर्द, पीरियड्स् क्रैम्प्स या अर्थराइटिस से राहत के लिए मेफ्टाल स्पा पर भरोसा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. अलर्ट के अनुसार, मेफ्टल में मेफेनैमिक एसिड का उपयोग सही नही हैं, ये इओसिनोफिलिया और ड्रेस सिंड्रोम का कारण बन सकता है.

ड्रेस सिंड्रोम क्या है?

ड्रेस सिंड्रोम का मतलब इओसिनोफिलिया और कुछ लक्षणों के साथ दवा का रिएक्शन है. यह कुछ दवाओं के प्रति एक गंभीर और संभावित जीवन-घातक हाइपरसेंसिटिविटी रिएक्शन है. इस सिंड्रोम में त्वचा पर लाल चकत्ते, बुखार, आंतरिक अंगों में सूजन और इओसिनोफिल्स का बढ़ना शामिल है, जो दवा लेने के 2 से 8 हफ्ते के बीच हो सकते हैं.

ये भी पढ़ें: इस फल का पत्ता बढ़ाएगा आपके बालों की ग्रोथ, हफ्ते में 2 बार करें इस्तेमाल, कमर तक लंबे होने में नहीं लगेगा टाइम

Advertisement

ड्रेस सिंड्रोम की पहचान कैसे करें?

त्वचा पर चकत्ते: सिंड्रोम अक्सर चकत्ते से शुरू होता है जिसमें खुजली और लाली हो सकती है. दाने चेहरे पर शुरू हो सकते हैं और फिर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकते हैं.
बुखार: ड्रेस सिंड्रोम वाले व्यक्तियों को आमतौर पर तेज बुखार हो सकता है.
सूजन: लिम्फ नोड्स, साथ ही लिवर, लंग्स और हार्ट जैसे अंगों में सूजन हो सकती है.
इओसिनोफिलिया: खून में इओसिनोफिल का बढ़ना एक सामान्य लक्षण है. इओसिनोफिल्स एक प्रकार की व्हाइट ब्लड सेल्स हैं जो इम्यून रिएक्शन्स में शामिल होती हैं.

Advertisement

आयोग ने क्या कहा?

आयोग ने अपने अलर्ट में कहा कि फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया (पीवीपीआई) डेटाबेस से दवा के रिएक्शन के प्रारंभिक विश्लेषण से ड्रेस सिंड्रोम का पता चला है. ड्रेस सिंड्रोम कुछ दवाओं के कारण होने वाली एक गंभीर एलर्जिक रिएक्शन है. 

Advertisement

30 नवंबर को जारी अलर्ट के अनुसार, "हेल्थ प्रोफेशनल्स, मरीजों/कन्ज्यूमर्स को सलाह दी जाती है कि वे संदिग्ध दवा के उपयोग से जुड़ी इस एडवर्स ड्रग रिएक्शन (एडीआर) की संभावना पर बारीकी से नजर रखें."

Advertisement

"अगर ऐसी कोई रिएक्शन सामने आता है, तो लोगों को वेबसाइट - www.ipc.gov.in - या एंड्रॉइड मोबाइल ऐप ADR PvPI और PvPI हेल्पलाइन 1800-180-3024 के जरिए एक फॉर्म फिल करके आयोग के तहत PvPI के नेशनल कॉर्डिनेशन सेंटर को मामले की सूचना देनी चाहिए." एक विज्ञप्ति में कहा गया है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

Featured Video Of The Day
Delhi Crime News: दिल्ली की लड़की का दर्द! शादी...प्यार में धोखा और मौत! Preeti-Rinku Case