What Are The Benefits Of Kundalini Shakti Vikasaka Kriya: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में स्ट्रेस और थकान का सबसे ज्यादा असर एकाग्रता पर पड़ रहा है, यही कारण है लोग ज्यादा फोकस नहीं कर पाते. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो एक कुंडलिनी शक्ति-विकासक क्रिया इस दिक्कत का समाधान कर सकती है. यह न सिर्फ शरीर को एनर्जेटिक बनाती है, बल्कि मन की एकाग्रता बढ़ाने में भी बेहद मददगार है. कुंडलिनी शक्ति को योग में शरीर की सुप्त ऊर्जा माना जाता है, जो रीढ़ की हड्डी के निचले भाग में स्थित रहती है, इसके नियमित योग अभ्यास के शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक सक्रिय और संतुलित महसूस कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं इसे करने के स्टेप्स क्या हैं?
कुंडलिनी शक्ति विकासक करने की प्रमुख विधि
- इस क्रिया को करने के लिए पैरों के बीच चार अंगूलई का अंतर रखकर सीधे खड़े हो जाएं
- अब बारी-बारी दोनों पैरों के घुटने से आगे के हिस्से को पीछे की ओर मोड़ें
- फिर एड़ी से नितंबों पर तेजी से मारें
- इसके बाद पैरों को धीरे-धीरे वापिस अपनी जगह पर ले आयें
- ध्यान रखें, शुरुआत में इस क्रिया को 20 से 25 बार करना पर्याप्त है
कुंडलिनी शक्ति विकासक के फायदे
फुर्ती: इस क्रिया से पैरों, जांघों और कमर के आसपास की मांसपेशियां एक्टिव होती हैं, इसलिए इसके नियमित अभ्यास से शरीर की जकड़न कम होती है और चलने-फिरने में फुर्ती महसूस होती है.
एकाग्रता बढ़ाने में मदद: नियमित रूप से इस क्रिया को करने से मानसिक सुस्ती कम होती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बेहतर होती है.
थकान दूर रखती है: सुबह के समय इस क्रिया को करने से शरीर में ताजगी आती है और दिनभर की थकान और सुस्ती को दूर करने में मदद मिल सकती है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














