Prevention Of Child Obesity before the age of 10: आजकल बच्चों में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है. पहले यह समस्या ज्यादातर बड़ों में देखी जाती थी, लेकिन अब कई छोटे बच्चे भी बढ़ते वजन (Weight) से जूझ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि अगर बच्चों का वजन 10 साल की उम्र से पहले ही नियंत्रित कर लिया जाए, तो आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है. इसलिए समय रहते इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है.
विशेषज्ञों के अनुसार, बचपन का मोटापा केवल शरीर के आकार या वजन का मामला नहीं है. यह एक ऐसी मेडिकल स्थिति बन चुकी है जो शरीर के कई सिस्टम को प्रभावित कर सकती है. इससे बच्चों के हार्मोन सिस्टम (Harmone System), दिल की सेहत (Heart Health) और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर भी असर पड़ सकता है. कई मामलों में यह आगे चलकर डायबिटीज (Diabetes), हाई कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) और फैटी लिवर (Fatty Liver) जैसी समस्याओं की वजह बन सकता है.
बच्चों में दिख रहीं फैटी लिवर जैसी समस्याएं
भारत में बाल रोग विशेषज्ञों के पास अब ऐसे कई मामले आ रहे हैं जहां छोटे बच्चों में ही मोटापे के साथ-साथ मेटाबॉलिक समस्याएं दिखाई दे रही हैं. इनमें इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance), डिस्लिपिडेमिया (Dyslipidemia) और फैटी लिवर (Fatty Liver) जैसी स्थितियां शामिल हैं. ये सभी समस्याएं भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं.
डॉक्टरों का कहना है कि अगर बच्चों के वजन को 10 साल की उम्र से पहले सामान्य स्तर पर लाया जाए, तो उनके बड़े होने पर दिल से जुड़ी बीमारियों और मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा काफी कम हो सकता है. कई लंबे समय तक चले अध्ययनों में भी यह देखा गया है कि जो बच्चे शुरुआती उम्र में ही अपना वजन संतुलित कर लेते हैं, वे आगे चलकर ज्यादा स्वस्थ जीवन जीते हैं.
बचपन में शरीर की मेटाबॉलिक क्षमता काफी मजबूत होती है. इस समय शरीर में बदलाव करना आसान होता है. इसलिए अगर सही समय पर सही खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि (Physical exercise) और लाइफस्टाइल में सुधार किया जाए, तो मोटापे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.
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बच्चों में मोटापा कम करने के लिए क्या करें?
माता-पिता की भूमिका बच्चों का मोटापा कम करने में बहुत महत्वपूर्ण होती है. बच्चों को जंक फूड से दूर रखना, संतुलित आहार देना और उन्हें रोजाना खेलने या एक्सरसाइज करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है. स्क्रीन टाइम कम करना और अच्छी नींद सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है.
विशेषज्ञों का मानना है कि बचपन में अपनाई गई स्वस्थ आदतें जीवनभर साथ रहती हैं. इसलिए अगर बच्चों के वजन और सेहत पर समय रहते ध्यान दिया जाए, तो भविष्य में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














