Post Workout Milk Benefits: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं. सबसे ज्यादा असर हड्डियों पर दिखाई देता है. 50-60 की उम्र पार करते ही कई लोग जोड़ों के दर्द, कमजोरी और बार-बार गिरने की समस्या से जूझने लगते हैं. दुख की बात यह है कि इसी उम्र में लोग कसरत से दूरी बना लेते हैं और खान-पान में भी लापरवाही बरतने लगते हैं. नतीजा? हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होती जाती हैं और मामूली चोट भी फ्रैक्चर का कारण बन सकती है.
लेकिन, हाल ही में प्रकाशित एक शोध ने उम्मीद की नई किरण दिखाई है. यह स्टडी जर्नल जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन, हेल्थ एंड एजिंग में प्रकाशित हुई, जिसमें बताया गया कि अगर बुजुर्ग लोग रेगुलर एक्सरसाइज के बाद गाय का दूध पीने की आदत डाल लें, तो उनकी हड्डियों की मजबूती बढ़ सकती है और फ्रैक्चर का खतरा कम हो सकता है.
क्या कहती है स्टडी?
इस शोध में 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के 82 हेल्दी एडल्ट्स को शामिल किया गया. सभी प्रतिभागी ऐसी किसी बीमारी से ग्रस्त नहीं थे जो प्रोटीन या हड्डियों के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हो.
इन लोगों ने आठ हफ्तों तक रेगुलर एक्सरसाइज किया. इसमें रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (हल्के वजन के साथ एक्सरसाइज) और बैलेंस ट्रेनिंग शामिल थी। प्रतिभागियों को चार समूहों में बांटा गया:
- एक ग्रुप ने सिर्फ एक्सरसाइज किया.
- दूसरे ग्रुप ने एक्सरसाइज के बाद गाय का दूध पिया.
- तीसरे समूह ने व्यायाम के बाद सोया दूध लिया.
- सभी दूध वाले समूहों को संतुलन के लिए उबला शकरकंद भी दिया गया.
गाय के दूध वाले समूह ने वर्कआउट के एक घंटे के भीतर 240 एमएल लो-फैट दूध पिया. सोया दूध की मात्रा इस तरह तय की गई कि दोनों समूहों को लगभग 7–8 ग्राम प्रोटीन मिल सके.
क्यों फायदेमंद है दूध?
- दूध प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है.
- प्रोटीन हड्डियों की मरम्मत और मजबूती में मदद करता है.
- यह कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाता है.
- कैल्शियम हड्डियों को घना और मजबूत बनाए रखने में जरूरी मिनरल है.
स्टडी के अंत में पाया गया कि जिन लोगों ने कसरत के बाद गाय का दूध पिया, उनकी हड्डियों की मजबूती और फिजिकल एक्टिविटी में ज्यादा सुधार देखा गया. वे ज्यादा फुर्तीले और संतुलित नजर आए.
गाय का दूध या सोया दूध?
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ही अच्छे प्रोटीन स्रोत हैं. लेकिन, इस अध्ययन में गाय का दूध पीने वालों में परिणाम थोड़े बेहतर पाए गए. इसका कारण इसमें मौजूद प्राकृतिक प्रोटीन और कैल्शियम का बेहतर संयोजन हो सकता है.
क्या सीख मिलती है?
- बढ़ती उम्र में कसरत छोड़ना नहीं चाहिए.
- वर्कआउट के बाद प्रोटीन लेना जरूरी है.
- एक गिलास दूध जैसी छोटी आदत लंबे समय में बड़ा फायदा दे सकती है.
- बैलेंस डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज फ्रैक्चर के खतरे को कम कर सकती हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














