Thand Me Shakarkand Khane Ke Fayde: सर्दियों में तापमान गिरने के साथ ही लोगों की भूख भी बढ़ जाती है. बार-बार भूख लगने लगती है और उस भूख को शांत करने के लिए नमकीन, बिस्किट या तली हुई चीजों का सहारा लेते हैं.
सर्दियों में शकरकंद खाने के क्या फायदे हैं?
यह सभी चीजें हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं, लेकिन आयुर्वेद के खजाने में एक ऐसा 'सुपरफूड' छिपा है जो पेट भरने के साथ-साथ गुणों से भी भरपूर है. हम बात कर रहे हैं शकरकंद की. सर्दियों में शकरकंद आसानी से मिलने वाला विकल्प है, जिसे कभी भी खाया जा सकता है.
शकरकंद खाने का सही तरीका क्या है?
शकरकंद को कुछ लोग उबालकर खाते हैं, लेकिन पानी में उबालने से शकरकंद के गुण कम होते हैं और स्वाद भी फीका हो जाता है. वहीं, भुनी हुई शकरकंद स्वाद से लेकर सेहत के लिए भी औषधि होती है. सर्दियों में रात के समय भी भूख लगती है और समझ नहीं आता क्या खाएं. ऐसे में भुनी हुई शकरकंद बेस्ट विकल्प है. शकरकंद को भुनने से उसमें अग्नि तत्व बढ़ जाता है जो वात को संतुलित करने में मदद करता है. सर्दियों में वात की वृद्धि शरीर में तेजी से होती है और ऐसे में वात को संतुलित करने में भुनी हुई शकरकंद मदद करती है.
शकरकंद को भूनकर खाने के फायदे?
भुनने की प्रक्रिया में शकरकंद के जटिल स्टार्च को प्राकृतिक शर्करा में बदल देती है, जिससे यह रात के समय पचने में आसान हो जाती है, इसलिए ये सर्दियों की भूख को मिटाने का बेहतर विकल्प हो सकता है.
भुनी शकरकंद स्ट्रेस दूर करती है क्या?
सर्दियों में आलस और सुस्ती आना साधारण समस्या है. ऐसे में रात के समय भुनी हुई शकरकंद के सेवन से विटामिन बी6 और मैग्नीशियम की पूर्ति होती है, जिससे मस्तिष्क में 'सेरोटोनिन' हॉर्मोन का उत्पादन होता है और यह मूड, नींद, भूख और भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह तनाव से राहत दिलाने में भी सहायक है.
भुनी शकरकंद के आंखों के लिए फायदे बताइए?
भुनी हुई शकरकंद में बीटा-कैरोटीन की मात्रा बढ़ जाती है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. सर्दियों में अक्सर आंखों में रुखापन, पानी आना और लालिमा की शिकायत होती है. इन सभी परेशानियों से मुक्ति दिलाने में भुनी हुई शकरकंद मदद करेगी.
अब सवाल है कि भुनी हुई शकरकंद का सेवन कैसे और कब-कब कर सकते हैं?
आयुर्वेद के मुताबिक, भुनी हुई शकरकंद में मसाला मिलाकर खाया जा सकता है, जैसे काला जीरा, नींबू, जीरा पाउडर और सोंठ के साथ मिलाकर खाने से यह सर्दी और बलगम में राहत देगी. शकरकंद को शाम के नाश्ते या रात के समय डिनर में ले सकते हैं. हालांकि, ध्यान रहे कि सोने से 2-3 घंटे पहले इसे खा लें. अगर कफ की परेशानी नहीं है तो रात के समय दूध के साथ भुनी हुई शकरकंद का सेवन किया जा सकता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














