- Nipah virus outbreak in India has prompted Asian countries to increase screening and testing measures
- Nipah virus spreads via bats, contaminated food, and close human contact, causing severe illness
- Symptoms include fever, seizures, breathing difficulty, and encephalitis with a high fatality rate
भारत में निपाह वायरस (Nipah Virus) के मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है. चूंकि इंसानों में इसकी मृत्यु दर (fatality rate) 40% से 75% तक हो सकती है, इसलिए एशिया के कई देश अलर्ट पर हैं. हाल ही में पश्चिम बंगाल में निपाह से कम से कम दो लोगों की मौत के बाद थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों ने स्क्रीनिंग और टेस्टिंग बढ़ा दी है. लेकिन आखिर यह निपाह वायरस है क्या, और हमें इससे कितना डरना चाहिए? आइए समझते हैं.
हाल ही में देश में निपाह वायरस से मौत का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि निपाह वायरस के संक्रमण से पश्चिम बंगाल में एक 25 साल की महिला नर्स की मौत हो गई है. बीते कुछ समय से ये निपाह वायरस की वजह से मौत का यह पहला मामला है. आपको बता दें कि पिछले महीने सामने आए दो निपाह संक्रमण के केस में से एक मामला इसी नर्स से जुड़ा हुआ था.
Nipah Virus क्या है?
निपाह वायरस 'हेनिपावायरस' (henipaviruses) की कैटेगरी में आता है (जैसे हेंड्रा वायरस). यह एक Zoonotic Virus है, जिसका मतलब है कि यह जानवरों से इंसानों में फैलता है. एशिया में इसके मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं. सबसे पहले 1998 में मलेशिया में इसका पता चला था.
यह कैसे फैलता है?
चमगादड़ और जानवरों से: सबसे पहले यह संक्रमित चमगादड़ों की लार, पेशाब या उनके मल के संपर्क में आने से फैलता है. मलेशिया में जब पहली बार यह फैला था, तब सूअरों के संपर्क में आने से भी लोग बीमार हुए थे.
दूषित खाना: अगर आप ऐसे फल या खजूर का रस (date palm juice) पीते हैं, जिसमें संक्रमित चमगादड़ की लार या अन्य तरल पदार्थ गिरे हों, तो आप बीमार पड़ सकते हैं.
इंसान से इंसान: यह बीमार व्यक्ति के बहुत करीब रहने (जैसे उनकी देखभाल करने) से भी फैल सकता है. घर या अस्पताल में संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों के संपर्क में आने से दूसरा व्यक्ति बीमार हो सकता है, हालांकि यह तरीका अन्य माध्यमों की तुलना में कम देखा गया है.
निपाह के लक्षण क्या हैं? (What are the symptoms?)
संक्रमित होने के बाद 4 दिन से 3 हफ्ते के भीतर इसके लक्षण दिखने लगते हैं. यह एक गंभीर बीमारी है, जिसमें आधे के करीब मरीजों की मौत हो जाती है.
इसके लक्षण हल्के से लेकर बहुत गंभीर हो सकते हैं:
- बुखार और तेज सिरदर्द.
- सांस लेने में तकलीफ और निमोनिया (जैसे कोविड में होता था).
- सबसे ज्यादा चिंता की बात है Encephalitis (दिमाग में सूजन), जिसकी वजह से मौत का खतरा बढ़ जाता है.
- दौरे पड़ना, बेहोश हो जाना या शरीर के किसी हिस्से का काम न करना.
- व्यवहार में बदलाव (जैसे अचानक अजीब हरकतें करना या मानसिक संतुलन बिगड़ना).
एक अजीब बात: जो लोग इस बीमारी से ठीक हो जाते हैं, उनमें कई सालों बाद (10 साल बाद भी) दोबारा दिमाग की सूजन (relapsed encephalitis) की समस्या देखी जा सकती है.
क्या इसका कोई इलाज या वैक्सीन है? (Is there any treatment or vaccine?)
अभी तक निपाह की कोई पक्की वैक्सीन या इलाज नहीं है. हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में m102.4 नाम के एक इलाज पर काम चल रहा है. 2020 में इसके पहले फेज का ट्रायल सफल रहा था, जिसमें स्वस्थ लोगों पर इसका कोई बुरा असर नहीं देखा गया. फिलहाल इसका टेस्ट इलाज के तौर पर हो रहा है, बचाव (vaccine) के तौर पर नहीं. इसे आम लोगों के लिए उपलब्ध होने में अभी समय लगेगा.
हमें कितना चिंतित होना चाहिए? (How worried should I be?)
निपाह का कोई इलाज नहीं है और यह जानलेवा है, इसलिए चिंता होना वाजिब है. लेकिन, यह कोविड की तरह महामारी नहीं बनेगा. इसकी वजह यह है कि निपाह एक इंसान से दूसरे इंसान में उतनी तेजी से नहीं फैलता. यह ज्यादातर संक्रमित खाने या जानवरों से ही फैलता है.
- अगर आप प्रभावित इलाकों में नहीं रहते हैं, तो जोखिम बहुत कम है.
- प्रभावित इलाकों में भी मामलों की संख्या फिलहाल कम है और प्रशासन जरूरी कदम उठा रहा है.
- अगर आप हाल ही में प्रभावित इलाकों से लौटे हैं और बुखार महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर को जरूर बताएं. हालांकि, ऐसे में निपाह से ज्यादा मलेरिया या टाइफाइड होने की संभावना अधिक होती है.
निपाह वायरस प्रभावित देशों के लिए एक गंभीर मुद्दा है, लेकिन बाकी दुनिया के लिए यह फिलहाल सिर्फ सतर्क रहने और नजर बनाए रखने वाली बात है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)













