Haryana News: हरियाणा के नूंह से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक खूंखार अपराधी और उसके साथी को धर दबोचा था. लेकिन तभी पास के गांव से आई भारी भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया और पकड़े गए शातिर अपराधी को पुलिस की कस्टडी से छुड़ाकर फरार कर दिया. इस हंगामे के बीच पुलिस ने उसके साथी को तो दबोच लिया, लेकिन मुख्य आरोपी भागने में कामयाब रहा. आइए जानते हैं बुधवार रात को हुए इस पूरे फिल्मी ड्रामे की पूरी कहानी.
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया था जाल
यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ आईएमटी, रोजका मेव (IMT, Rojka Meo) इलाके में गश्त पर थे. इसी दौरान पुलिस को एक पुख्ता जानकारी मिली कि नूंह जिले का एक कुख्यात गैंगस्टर शाहिद उर्फ 'आडवाणी' अपने साथी वारिस के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए झरना के रास्ते घुसपैठी गांव की तरफ जा रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर दी.
जब आमने-सामने हुई पुलिस-अपराधी
पुलिस टीम ने घुसपैठी गांव के पास एक एसयूवी (SUV) कार को रुकने का इशारा किया और जैसे ही पुलिसकर्मी गाड़ी के पास पहुंचे, कार के अंदर बैठे अपराधियों ने सीधे पुलिस टीम पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया. जवाब में एक पुलिसकर्मी ने पहले हवा में फायरिंग की और आरोपियों को सरेंडर करने को कहा, लेकिन वो नहीं माने और दोबारा पुलिस पर फायर झोंक दिया. इसके बाद सब इंस्पेक्टर ने ड्राइवर की सीट पर बैठे शख्स के पैरों की तरफ निशाना साधकर गोली चलाई. गोली चलते ही आरोपी गाड़ी से उतरकर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए शाहिद उर्फ आडवाणी और वारिस दोनों को दबोच लिया.
भीड़ ने किया हमला, गाड़ी में की तोड़फोड़
पुलिस ने दोनों को पकड़ ही था कि तभी वहां पास के घुसपैठी गांव से आए लोगों की एक भारी भीड़ जमा हो गई. इस भीड़ ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पुलिस टीम पर हमला बोल दिया. गुस्साई भीड़ ने न सिर्फ पुलिस के साथ हाथापाई की, बल्कि पुलिस की गाड़ियों और अपराधियों की कार में भी जमकर तोड़फोड़ की. इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर ग्रामीणों ने शातिर अपराधी शाहिद उर्फ आडवाणी को पुलिस की कस्टडी से जबरन छुड़ा लिया और उसे लेकर फरार हो गए.
शाहिद के साथी को पुलिस ने पकड़ा
इस पूरे बवाल के बीच एक ग्रामीण ने यह झूठा दावा भी किया कि पुलिस और गौ रक्षकों ने उसे गोली मार दी है. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की जांच में वह पूरी तरह से फिट और सही-सलामत पाया गया. इस बीच, माहौल बिगड़ता देख मौके पर एडिशनल फोर्स को बुलाया गया. भारी पुलिस बल की मदद से पुलिस ने शाहिद के साथी वारिस को गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान वारिस के पास से एक देसी कट्टा भी बरामद हुआ है. पुलिस के मुताबिक, शाहिद और वारिस दोनों नूंह जिले के खरखड़ी गांव के रहने वाले हैं.
अब तक 3 लोगों पर दर्ज हुई FIR
इस पूरी घटना के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है. सदर तावडू पुलिस स्टेशन में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने कुल तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसमें वो शख्स भी शामिल है जिसने पुलिस टीम के खिलाफ गोली मारे जाने का झूठा और गुमराह करने वाला दावा किया था.
कौन है शाहिद उर्फ आडवाणी?
नूंह पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक, शाहिद उर्फ आडवाणी कोई छोटा-मोटा चोर नहीं, बल्कि नूंह जिले में सक्रिय एक बेहद शातिर और कुख्यात अपराधी है. वह एक बहुत बड़े क्राइम सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है और उसके खिलाफ कई गंभीर अपराध दर्ज हैं. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस की टीमें इस समय फरार आडवाणी को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं और उसे बहुत जल्द दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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