Haryana Cabinet Meeting Decisions: हरियाणा में अब पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20% आरक्षण, राशन डिपो चलाने के नियम भी बदले

हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण 10% से बढ़ाकर 20% कर दिया है. इसके साथ ही कैबिनेट ने राशन डिपो (PDS) के नियमों में बदलाव करते हुए महिलाओं को 33% आरक्षण देने और शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास तय करने का निर्णय लिया है.

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अग्निवीरों के लिए नौकरियों का रास्ता हुआ आसान. (फाइल फोटो)
IANS

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है. अब राज्य सरकार की नौकरियों में पूर्व अग्निवीरों को मिलने वाला आरक्षण 10 फीसदी से बढ़ाकर सीधा 20 फीसदी कर दिया गया है. सरकार ने इस नई 'अग्निवीर नीति 2024' को इसलिए मंजूरी दी है ताकि सेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं के अनुभव और उनके अनुशासन का इस्तेमाल प्रदेश की सुरक्षा सेवाओं में हो सके. अब वन रक्षक, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड जैसी भर्तियों में इन युवाओं को बड़ी प्राथमिकता मिलेगी. सरकार ने सभी विभागों को कह दिया है कि आगे होने वाली किसी भी भर्ती में इस बढ़े हुए कोटे को तुरंत लागू किया जाए.

राशन डिपो के लिए अब कंप्यूटर नॉलेज और 12वीं पास जरूरी

कैबिनेट ने राशन डिपो यानी सस्ते गल्ले की दुकानों के लाइसेंस को लेकर भी बड़े बदलाव किए हैं. अब अगर कोई राशन डिपो का लाइसेंस लेना चाहता है, तो उसका कम से कम 12वीं पास होना अनिवार्य है और उसे कंप्यूटर चलाना भी आना चाहिए. आवेदक की उम्र 21 से 45 साल के बीच तय की गई है और उसके पास परिवार पहचान पत्र होना भी जरूरी है. एक और बड़ा बदलाव यह हुआ है कि अब कम से कम 500 राशन कार्ड वाले इलाके में ही नया डिपो खुलेगा, जबकि पहले यह संख्या केवल 300 थी. यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि राशन वितरण का काम ज्यादा प्रोफेशनल और पारदर्शी तरीके से हो सके.

महिलाओं को मिलेगा 33 फीसदी आरक्षण का हक

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने राशन डिपो के लाइसेंस में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें पक्की कर दी हैं. अब हर तीसरा राशन डिपो किसी महिला के नाम पर आवंटित किया जाएगा. इस कोटे में भी सरकार ने उन महिलाओं का खास ख्याल रखा है जो तेजाब हमला पीड़ित हैं, विधवा हैं या फिर अकेले अपने बच्चों की जिम्मेदारी उठा रही हैं. इसके साथ ही हर ब्लॉक में कम से कम एक महिला स्वयं सहायता समूह को भी लाइसेंस देने में प्राथमिकता दी जाएगी ताकि गांवों की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें.

बुजुर्गों के लिए घर और गांव की साझा जमीन पर फैसला

इन फैसलों के अलावा सरकार ने रिटायर हो चुके और बुजुर्ग लोगों के लिए भी एक नई हाउसिंग पॉलिसी में सुधार किया है. इसका मकसद बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर खास तरह के घर और कॉलोनियां तैयार करना है. साथ ही गांव की साझा जमीन यानी शामलात देह से होकर किसी प्राइवेट प्रोजेक्ट के लिए रास्ता देने के नियमों को भी आसान बनाया गया है. इससे ग्रामीण इलाकों में चल रहे विकास कार्यों में आने वाली रुकावटें दूर होंगी और नए प्रोजेक्ट्स को रफ्तार मिल सकेगी.

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