फरीदाबाद में रात 3 बजे चला बुलडोजर, ढहाए गए मंदिर-मस्जिद; इंटरनेट बंद; लोग बोले- पुलिस ने 'छत से झांकने तक नहीं दिया'

फरीदाबाद के NIT-3 में RRTS कॉरिडोर के लिए NGT के आदेश पर शनिवार तड़के मंदिर-मस्जिद समेत कई अवैध निर्माण ढहा दिए गए. बवाल की आशंका से बचने के लिए इलाके में इंटरनेट और SMS सेवाएं बंद कर दी गई थीं.

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NGT के आदेश पर फरीदाबाद में मंदिर और मस्जिद समेत कई निर्माण ढहा दिए गए.
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Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद में विकास परियोजनाओं के रास्ते में आ रहे अवैध निर्माणों पर प्रशासन ने पीला पंजा चला दिया. गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत आरआरटीएस (RRTS) कॉरिडोर और एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए प्रशासन ने शनिवार तड़के करीब 3 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में NIT-3 स्थित मस्जिद चौक पर बड़ा डिमोलिशन अभियान चलाया. इस कार्रवाई के दौरान 700 गज में बनी एक मस्जिद, एक मंदिर, चार दुकानें और एक मकान को जमींदोज कर दिया गया. आधी रात को हुई इस अचानक कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिला.

रात 2 बजे नाकेबंदी, 3 बजे चला बुलडोजर

प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल ने रात करीब 2 बजे से ही मस्जिद चौक और उसके आसपास के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया था. मेट्रो मोड़ से ईएसआई चौक, मस्जिद चौक होते हुए सैनिक कॉलोनी तक जाने वाले रास्ते पूरी तरह सील कर दिए गए. ठीक 3 बजे फरीदाबाद नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त परमजीत सिंह चहल की निगरानी में बुलडोजर मौके पर पहुंचे और अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू कर दिया. इस दौरान डीसीपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात था और परिंदे को भी पर मारने की इजाजत नहीं थी.

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'सामान नहीं निकालने दिया, घरों में कर दिया कैद'

आधी रात को हुई इस कार्रवाई से स्थानीय लोग खासे नाराज हैं. उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया. स्थानीय निवासी इकलाश और शाकिर ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, 'पुलिस रात के अंधेरे में अचानक आ धमकी. हमें घरों में कैद कर दिया गया. यहां तक कि हमें अपनी ही छत से बाहर झांकने तक नहीं दिया गया. हम मानते हैं कि विकास के लिए तोड़फोड़ की जा रही है, लेकिन हमें कम से कम अपने घर का जरूरी सामान निकालने का मौका तो दिया जाना चाहिए था.'

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विधायक बोले- 'ये विकास नहीं, विनाश है'

मस्जिद गिराए जाने की खबर मिलते ही शनिवार सुबह नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद मौके पर पहुंचे. जब पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स पर ही रोक दिया, तो वह वहीं धरने पर बैठ गए. नाराजगी जताते हुए आफताब अहमद ने कहा, 'यह विकास नहीं, विनाश है. रात के 2-3 बजे इस तरह मस्जिद और अन्य निर्माणों को ढहाना पूरी तरह से अवैध है. यह सरासर तानाशाही है और मानवता के खिलाफ है. 

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'नोटिस के बाद भी नहीं हटे थे अतिक्रमण'

स्थानीय लोगों और विधायक के आरोपों के बीच फरीदाबाद प्रशासन ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से कानूनी और नियम-सम्मत बताया है. नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गता ने स्पष्ट किया, '"यह NGT के आदेश के अनुपालन में किया गया है. मंदिर, मस्जिद प्रबंधन और दुकानदारों को अवैध निर्माण हटाने के लिए पहले ही कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन उन्होंने खुद इन्हें नहीं हटाया. ये निर्माण पुरातत्व विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बने थे.' 

अधिकारियों के अनुसार, NGT को लगभग 60 अवैध ढांचों की सूची सौंपी गई है, जिनमें से कई पहले गिराए जा चुके हैं और बाकी पर भी जल्द एक्शन होगा.

अफवाहें रोकने के लिए इंटरनेट और SMS ठप

इस हाई-वोल्टेज कार्रवाई के दौरान कोई सोशल मीडिया के जरिए अफवाह न फैलाए और कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए हरियाणा सरकार के गृह विभाग ने सख्त कदम उठाए थे. फरीदाबाद के NIT जोन में एक निश्चित दायरे में मोबाइल इंटरनेट, बल्क SMS और डोंगल सेवाओं को शनिवार रात 10 बजे तक के लिए पूरी तरह से सस्पेंड कर दिया गया था. फिलहाल इलाके में मलबा हटाने का काम जारी है और शांति बनी हुई है.

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