फरीदाबाद सिविल अस्पताल की बड़ी लापरवाही, पैसे न होने पर जुगाड़ रिक्शे में पत्नी का शव ले गया पति

Faridabad News: फरीदाबाद के सिविल अस्पताल बादशाह खान में स्टाफ की लापरवाही और पैसों के अभाव में एक पति अपनी मृतक पत्नी के शव को जुगाड़ रिक्शे पर घर ले जाने को मजबूर हुआ. अंतिम संस्कार के लिए भी उसे चंदा मांगना पड़ा.

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फरीदाबाद सिविल अस्पताल की बड़ी लापरवाही
हरियाणा:

फरीदाबाद के सिविल अस्पताल बादशाह खान से इंसानियत को शर्मसार और दिल को झकझोर देने वाली तस्वीरे सामने आई है. जहां पर सिविल अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही और पैसों के अभाव में एक पति अपनी मृतक पत्नी के शव को जुगाड़ रिक्शे पर ही लाद कर घर ले गया और फिर चंदा मांग कर उसने अपनी पत्नी का दाह संस्कार किया. इस मामले में नोडल अधिकारी रेफरल ट्रांसपोर्ट ने MP सिंह ने सिविल सर्जन द्वारा कमेटी गठित कर जांच की जांच की जाएगी और उसे निर्देशित किया जाएगा कि भविष्य में यदि किसी को शव वहन या एंबुलेंस की जरूरत है तो उसे सही जानकारी दें.

महिला की इलाज के दौरान मौत

टीवी की बीमारी से पीड़ित एक 35 वर्षीय अनुराधा नाम की महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. जिसका पति उसके शव को जुगाड़ रिक्शा में ही लादकर घर ले गया. मृतिका के पति ने बताया, कि उसने अस्पताल में मौजूद महिला स्टाफ से अपनी के शव को घर तक ले जाने के लिए मांग की थी लेकिन अस्पताल की स्टाफ ने उसे बाहर जाकर अपने खर्चे पर निजी एंबुलेंस लाने के लिए कह दिया. मृतिका के पति के मुताबिक, उसके पास इतने रुपए नहीं थे कि वह अपनी पत्नी के शव को निजी एंबुलेंस के द्वारा घर ले जा सके जिसके चलते उसने अपने ससुर को फोन कर इसकी जानकारी दी. जानकारी मिलने के बाद उसके ससुर जुगाड़ रिक्शा लेकर अस्पताल पहुंच गए और शव को लेकर घर चले आए. 

चंदा मांगकर किया पत्नी का दाह संस्कार

वहीं, मृतिका के पति झुनझुन ने बताया, कि उनके पास दाह संस्कार के लिए भी पर्याप्त रुपए नहीं थे, जिसके चलते दाह संस्कार में शामिल होने आए रिश्तेदारों ने उन्हें चंदा दिया तब जाकर उनकी पत्नी का दाह संस्कार हो पाया. झुंझुनू ने बताया, कि यदि अस्पताल की महिला स्टाफ या कोई भी कर्मचारी उन्हें यह जानकारी देता कि शव ले जाने के लिए अस्पताल से शव वहन मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है तो वह अस्पताल से मिलने वाले मुफ्त शव वहन से ही अपनी पत्नी के शव को घर लेकर आते लेकिन अस्पताल स्टाफ ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी. उनके पास रुपए नहीं थे जिसके चलते वह अपनी पत्नी के शव को जुगाड़ रिक्शा पर ही लेकर घर आ गए और चंदा मांग कर दाह संस्कार कर दिया.

स्वास्थ्य विभाग ने शव वहन मुहैया नहीं कराया

इस मामले में नोडल अधिकारी रेफरल ट्रांसपोर्ट एमपी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया, की हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शव को ले जाने के लिए कोई भी शव वहन मुहैया नहीं कराया जाता. फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में रेड क्रॉस के द्वारा एक शव वहन जिसे हर्ष वाहन कहा जाता है जरूरत पड़ने पर पीड़ित परिवार को शव वहन उपलब्ध कराया जाता है. हरियाणा सरकार ने डायल 112 की सुविधा मुहैया कराई हुई है जिस पर संपर्क कर न केवल एंबुलेंस पुलिस बल्कि फायर ब्रिगेड तक की सहायता ली जा सकती है. वहीं, उन्होंने बताया कि यदि अस्पताल के स्टाफ ने पीड़ित परिवार को मांग करने पर भी रेड क्रॉस की तरफ से मिलने वाले मुफ्त शव वहन के बारे में जानकारी नहीं दी तो इस मामले में सिविल सर्जन की तरफ से कमेटी गठित कर जांच की जाएगी और ऐसे लापरवाह कर्मचारी को हिदायत दी जाएगी की एंबुलेंस या शव वहन की जानकारी पीड़ित और उसके परिवार को सही से दी जाए.

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