'द एथलेटिक्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड के खिलाफ़ वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जीत के बाद मिडफील्डर जियोवानी लो सेल्सो ने फ़ॉकलैंड आइलैंड्स का बैनर दिखाकर जश्न मनाया, जिसके बाद अर्जेंटीना को FIFA की सज़ा का सामना करना पड़ सकता है. अटलांटा में अर्जेंटीना की 2-1 से वापसी वाली जीत के बाद, लो सेल्सो ने "Las Malvinas son Argentinas" लिखा हुआ एक बैनर दिखाया, जो फ़ॉकलैंड आइलैंड्स पर अर्जेंटीना के दावे को दर्शाता है. इस वाक्य का अर्थ है "मालविनास अर्जेंटीना का है."
FIFA के पास हैं रोक लगाने वाले कड़े नियम
लो सेल्सो ने डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी के साथ मिलकर वह बैनर पकड़ा, जिसे स्टैंड में बैठे फैंस ने दिखाया था. 'द एथलेटिक्स' के अनुसार, उन्होंने कुछ देर के लिए इसे हटा दिया था, लेकिन बाद में लो सेल्सो ने इसे पिच पर रख दिया. इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (IFAB), जो फुटबॉल के नियम तय करता है, और FIFA के पास मैचों के दौरान राजनीतिक झंडे, नारे और प्रतीकों को दिखाने पर रोक लगाने वाले कड़े नियम हैं.
IFAB की रूलबुक में क्या है
IFAB की रूलबुक में कहा गया है, "उपकरणों पर कोई राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत नारा, बयान या तस्वीर नहीं होनी चाहिए. खिलाड़ियों को ऐसे अंडरगारमेंट्स नहीं दिखाने चाहिए जिन पर राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत नारे, बयान या तस्वीरें हों, या निर्माता के लोगो के अलावा कोई विज्ञापन हो. किसी भी उल्लंघन के लिए खिलाड़ी और/या टीम को प्रतियोगिता आयोजक, राष्ट्रीय फुटबॉल संघ या FIFA द्वारा दंडित किया जाएगा."
क्या है 'Las Malvinas'?
'Las Malvinas' वह नाम है जिसका इस्तेमाल अर्जेंटीना फ़ॉकलैंड आइलैंड्स के लिए करता है, जो अर्जेंटीना के पूर्वी तट से लगभग 480 किलोमीटर दूर स्थित एक ब्रिटिश विदेशी क्षेत्र है. इस विवाद का एक लंबा इतिहास है, जो 19वीं सदी में नेपोलियन युद्धों के समय से चला आ रहा है. ब्रिटेन ने पहली बार 1774 में इन द्वीपों पर दावा किया था और 1832 में फिर से नियंत्रण स्थापित किया था. यह विवाद 1982 में तब और बढ़ गया जब अर्जेंटीना की सैन्य सरकार ने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा करने के लिए हमला किया, जिससे फ़ॉकलैंड युद्ध हुआ.
यह संघर्ष 2 अप्रैल से 14 जून तक चला और अर्जेंटीना के आत्मसमर्पण के साथ समाप्त हुआ. इस युद्ध में तीन नागरिक, 255 ब्रिटिश सैनिक और 649 अर्जेंटीना के सैनिक मारे गए थे. इस बीच, अर्जेंटीना की वाइस-प्रेसिडेंट विक्टोरिया विलारुएल ने X पर एक पोस्ट में कहा, "फ़ॉकलैंड अर्जेंटीना का है! उन्होंने इन्हें स्टेडियम में लाने पर रोक लगा दी और भूल गए कि ये हमारे खून और दिल में बसे हैं."
मैच की बात करें तो, मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराया. पहला हाफ कड़े मुकाबले वाला रहा, जिसमें दोनों टीमें मिडफ़ील्ड पर कब्ज़ा करने के लिए जूझती रहीं और गोल करने के बहुत कम मौके बने. आखिरकार 55वें मिनट में इंग्लैंड ने गतिरोध तोड़ा, जब एंथनी गॉर्डन ने मॉर्गन रोजर्स के क्रॉस पर गोल करके 'थ्री लायंस' को बढ़त दिलाई. बढ़त लेने के बाद इंग्लैंड ने डिफेंस में गहराई अपनाई, जिससे अर्जेंटीना को दबाव बनाने का मौका मिला. मौजूदा चैंपियन ने ज़बरदस्त वापसी की. जॉर्डन पिकफ़ोर्ड ने कुछ अहम बचाव किए और एलेक्सिस मैक एलिस्टर की गेंद गोलपोस्ट से टकराई, जिसके बाद अर्जेंटीना ने बराबरी का गोल किया. 85वें मिनट में, लियोनेल मेस्सी से पास मिलने के बाद एंज़ो फर्नांडीज ने गोल करके मैच बराबर कर दिया.
अर्जेंटीना ने स्टॉपेज टाइम में अपनी वापसी पूरी की, जब मेस्सी ने लॉटारो मार्टिनेज के लिए क्रॉस दिया और उन्होंने हेडर से विजयी गोल दागा. इंग्लैंड की आखिरी कोशिशों के बावजूद, अर्जेंटीना ने अपनी बढ़त बनाए रखी और फ़ाइनल में जगह बनाई. अब इंग्लैंड तीसरे स्थान के लिए फ्रांस का सामना करेगा, जबकि अर्जेंटीना खिताब के लिए स्पेन से भिड़ेगा.