France vs Morocco, FIFA World Cup 2026 Quarter Final: मोरक्को के खिलाफ FIFA वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल से पहले फ्रांस के हेड कोच डिडिएर डेसचैम्प्स को मैच के लिए अर्जेंटीना के अधिकारियों की नियुक्ति से कोई परेशानी नहीं है. उनका कहना है कि उनका मुकाबला मोरक्को से है, अधिकारियों से नहीं और उन्हें उन पर भरोसा है. टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मैचों में से एक में, काइलियन एम्बाप्पे की कप्तानी वाली फ्रांस की टीम का सामना मोरक्को से होगा. मोरक्को 2022 में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बनी थी. राउंड ऑफ 32 में पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड्स को हराने के बाद, अशरफ हकीमी की कप्तानी वाली टीम फ्रांस के साथ भी ऐसा ही करना चाहती है.
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हालांकि, यह आसान नहीं होगा क्योंकि एम्बाप्पे, हैट्रिक हीरो उस्मान डेम्बेले, असिस्ट-मशीन माइकल ओलिस और ब्रैडली बारकोला की अटैकिंग लाइन-अप बहुत खतरनाक है. फ्रांस ने अब तक 14 गोल किए हैं, जो इस टूर्नामेंट में किसी भी दूसरी टीम से ज़्यादा हैं.
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यह मैच रोमांचक तो है ही, लेकिन एक बड़ी चर्चा का विषय मैच के लिए अर्जेंटीना के अधिकारियों की नियुक्ति भी है. इसमें मुख्य रेफरी फ़ैकुंडो टेलो के साथ-साथ असिस्टेंट रेफरी, रिज़र्व असिस्टेंट और चौथे अधिकारी भी अर्जेंटीना के ही हैं. हालांकि, डेसचैम्प्स को इसमें कोई समस्या नहीं दिखती. ESPN के अनुसार उन्होंने कहा, "हमें इसका सामना करना होगा. मुझे रेफरी पर भरोसा है. हमारा मुकाबला मोरक्को से है, रेफरी से नहीं."
दोनों टीमों के बीच तब से प्रतिद्वंद्विता बढ़ गई है जब लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली टीम ने 2022 के फ़ाइनल में फ्रांस को हराया था, जबकि काइलियन एम्बाप्पे ने हैट्रिक लगाई थी. और जिस फ़ॉर्म में दोनों टीमें हैं, उसे देखते हुए 2022 के उस यादगार मैच के दोहराए जाने की पूरी संभावना है.
बैकअप गोलकीपर रॉबिन रिसेर ने भी अधिकारियों पर भरोसा जताया है और कहा है कि दोनों टीमों के बीच "थोड़ी कड़वाहट" "खेल का हिस्सा" है. रिसेर ने कहा, "पिछले फाइनल के बाद से फ्रांस और अर्जेंटीना के बीच कुछ सालों से थोड़ी कड़वाहट रही है, लेकिन यह खेल का हिस्सा है."
उन्होंने आगे कहा, "अगर ये रेफरी यहां हैं, तो इसलिए क्योंकि वो इस प्रतियोगिता के स्तर के मुताबिक हैं." इस टूर्नामेंट के ज़्यादातर मैचों में अधिकारियों के काम पर सवाल उठे हैं. हाल ही में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना और मिस्र के बीच 'राउंड ऑफ़ 16' के मैच में भी ऐसा ही हुआ, जिसमें मेसी की टीम ने 2-0 से पिछड़ने के बाद 13 मिनट में वापसी की और क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई. मुस्तफ़ा ज़िको (जिनका एक गोल VAR ने फ़ाउल की वजह से रद्द कर दिया था) और टीम के हेड कोच होसाम हसन, दोनों ने मैच के बाद रेफ़री पर "नाइंसाफ़ी" करने का आरोप लगाया और कहा कि टूर्नामेंट "फ़िक्स्ड" है.
हालांकि, डेसचैम्प्स ने अधिकारियों की इस आलोचना पर तंज कसते हुए कहा, "उम्मीद है कि हमारे अधिकारी भी उतने ही अच्छे होंगे जितने मॉन्सियूर लेटेक्सियर (अर्जेंटीना-मिस्र मैच के रेफ़री) थे."