फेरोन टोरेस के एक्स्ट्रा टाइम में गोल के दम पर स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया. स्पेन दूसरी बार विश्व विजेता बनने में सफल हुई है. आखिरी बार उसने 2010 में खिताब जीता था. स्पेन की जीत का मतलब था कि लियोनेल मेसी के खिताब का बचाव करने और लगातार दो वर्ल्ड कप जीतकर तीसरी टीम बनने का सपना टूट गया. 'ला रोजा' ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाया और पूरे टूर्नामेंट में वह अजेय रहे. इस जीत के साथ ही स्पेन ने इतिहास रच दिया है.
स्पेन अब विश्व इतिहास की एकमात्र ऐसी टीम बन गई है, जिसके पास एक ही समय में महिला और पुरुष दोनों वर्ल्ड कप हैं. स्पेन की महिला टीम ने 2023 में सिडनी में इंग्लैंड को हराकर विश्व खिताब जीता था. यह स्पेन की महिला टीम का पहला खिताब था.
स्पेन के लिए सब्सटिट्यूट फेरान टोरेस हीरो बनकर उभरे. उन्होंने 106वें मिनट में अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को छकाते हुए नेट के ऊपरी हिस्से में ज़ोरदार शॉट मारकर निर्णायक गोल किया.
बार्सिलोना के 19 साल के स्टार खिलाड़ी लामिन यमाल के लिए यह उनके युवा करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि थी. जब स्पेन ने अपना पहला वर्ल्ड कप जीता था, तब यमल सिर्फ़ तीन साल के थे.
इस हार ने अर्जेंटीना और मेसी के लिए एक शानदार दौर के अंत का संकेत दिया. मेसी ने ही अपनी टीम को 2022 फीफा वर्ल्ड कप और 2021 व 2024 में कोपा अमेरिका का खिताब जिताया था.
यूईएफए यूरो 2024 पहले ही जीतने के बाद, अब स्पेन के पास यूरोप और दुनिया दोनों के खिताब हैं. इससे टीम के एक और दबदबे वाले दौर की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जो 2008 से 2012 के बीच उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन की याद दिलाता है, जब उन्होंने दो यूरोपियन चैंपियनशिप और फीफा वर्ल्ड कप जीता था.
हालांकि यमाल ने टूर्नामेंट में सिर्फ़ एक गोल किया, लेकिन स्पेन की सफलता किसी एक खिलाड़ी के शानदार खेल के बजाय पूरी टीम के सामूहिक प्रदर्शन पर टिकी थी. मिडफील्डर रोड्री ने मैदान के बीच में खेल को संभाला, मिकेल ओयारज़ाबल पांच गोल के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर्स में शामिल रहे, और गोलकीपर उनाई साइमन ने शानदार प्रदर्शन के बाद 'गोल्डन ग्लव' जीता.
टोरेस ने रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज कराया. वह फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में गोल करने वाले सिर्फ़ पांचवें सब्सटिट्यूट खिलाड़ी बने. उनसे पहले जर्मनी के मारियो गोट्ज़े ने 2014 के फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ़ विनिंग गोल किया था. 2010 में स्पेन के लिए आंद्रेस इनिएस्ता के एक्स्ट्रा-टाइम में किए गए विनिंग गोल के बाद, वह वर्ल्ड कप फ़ाइनल में गोल करने वाले बार्सिलोना के दूसरे खिलाड़ी बन गए.
स्पेन का ख़िताब तक का सफ़र केप वर्डे के साथ बिना गोल वाले ड्रॉ से शुरू हुआ. इसके बाद सऊदी अरब (4-0) और उरुग्वे (1-0) पर शानदार जीत के साथ उन्होंने ग्रुप H में टॉप स्थान हासिल किया. फिर उन्होंने राउंड ऑफ़ 32 में ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराया, राउंड ऑफ़ 16 में पुर्तगाल को 1-0 से मात दी, क्वार्टर फ़ाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराया और सेमीफ़ाइनल में फ़्रांस को 2-0 से हराया.
न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में हुए फ़ाइनल में स्पेन का बॉल पर कब्ज़ा ज़्यादा रहा और उन्होंने अर्जेंटीना को सिर्फ़ एक शॉट ऑन टारगेट लेने दिया, जबकि खुद 12 शॉट लिए. एक्स्ट्रा टाइम में दो येलो कार्ड मिलने के बाद एंजो फर्नांडीज को बाहर भेज दिया गया, जिससे अर्जेंटीना के खिलाड़ी 10 रह गए. इसका फ़ायदा उठाकर स्पेन ने जीत पक्की की और वर्ल्ड कप का ख़िताब फिर से अपने नाम किया.
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