Spring Season Diet: वसंत के आगमन के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिलता है. दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की सर्दी बीमारियों का कारण बनती हैं, इसलिए जरूरी है कि आहार ऋतु के अनुसार ही बदलना चाहिए. वसंत ऋतु के समय ज्यादातर लोग नींद से जुड़ी परेशानियों से जूझते हैं, और इसका सबसे बड़ा कारण है कफ दोष की वृद्धि.
वसंत ऋतु के आगमन के साथ शरीर में कफ दोष की वृद्धि होती है, जिससे रात के समय भारीपन, नींद न आना और अपच की समस्या बनी रहती है. आयुर्वेद में वसंत को ऊर्जा का काल और संक्रमण का तेजी से फैलने का समय भी माना है. वसंत ऋतु में लोग हल्की गर्मी की वजह से ठंडी चीजों को आहार में शामिल करते हैं, जिसकी वजह से बुखार और सर्दी की समस्या होती है. आयुर्वेद में वसंत ऋतु में आहार परिवर्तन की सलाह दी जाती है, जिससे शरीर को संतुलित और बीमारियों से दूर रखा जा सके.
वसंत ऋतु में कैसी रखें अपनी डाइट- (Best Diet For Spring Season)
1. मूंग दाल की खिचड़ी-
वसंत ऋतु में मूंग की दाल की खिचड़ी खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये खाने में हल्की होती है और पेट पर किसी तरह का दबाव भी नहीं पड़ता है. अगर खिचड़ी में एक चुटकी सौंठ पाउडर डाल लिया जाए तो खिचड़ी औषधि बन जाती है. इससे शरीर हल्की गुलाबी ठंड से बचा रहता है और नींद भी अच्छे से आती है.
2. हरी सब्जियां-
वसंत के मौसम में लौकी, तोरई और परवल जैसी सब्जियां बाजार में आसानी से मिल जाती हैं. इन तीनों सब्जियों को मिलाकर हल्का भूनकर और स्टीम करके खाना चाहिए. ये फाइबर की कमी को पूरा करती हैं और पेट से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करती हैं. खाने में हल्की होने के बाद तीनों सब्जियां विटामिन से भरी होती हैं.
3. बाजरा-
लोगों को लगता है कि बाजरे का सेवन सिर्फ सर्दियों में ही किया जाता है, लेकिन यह गलत है. वसंत ऋतु में भी बाजरा खाकर खुद को स्वस्थ रखा जा सकता है. बाजरा तासीर में गर्म होता है और प्रोटीन और आयरन से भरपूर होता है. यह शरीर को फुर्ती देता है और संक्रमण से भी बचाता है.
इसके अलावा, हल्की वाला दूध, पपीता, अदरक और शहद का पानी और जौ का सूप पीना भी लाभकारी होता है.
ये भी पढ़ें- मीठा खाने के हैं शौकीन, तो शक्कर की जगह इन 5 हेल्दी ऑप्शन को चुनें
World Heart Day: दिल की बीमारियां कैसे होंगी दूर, बता रहे जाने-माने पद्मभूषण डॉक्टर TS Kler
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














