मशीन नहीं, देसी जुगाड़! रेवड़ी बनाने के वायरल वीडियो ने खोल दिए मिठाई बनाने के सारे राज

Desi Revdi Recipe: आज के समय में जब ज्यादातर मिठाइयां मशीनों से बनती हैं, ऐसे में हाथों और पैरों से बनाई जा रही रेवड़ियां लोगों को हाइजीन फियर में डाल देती हैं. जानें देसी तरीके से कैसे बनती हैं रेवड़ियां.

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Desi Revdi Recipe: रेवड़ी बनाने का देसी तरीका.

Revdi Making Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों रेवड़ियां बनाने का एक देसी वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में दिखाया गया पारंपरिक तरीका न सिर्फ लोगों की जिज्ञासा बढ़ा रहा है, बल्कि बचपन की मिठास और गांव-देहात की यादें भी ताजा कर रहा है. आज के समय में जब ज्यादातर मिठाइयां मशीनों से बनती हैं, ऐसे में हाथों और पैरों से बनाई जा रही रेवड़ियां लोगों को हाइजीन फियर में डाल देती हैं. वीडियो में दिखाया गया कि सबसे पहले गुड़ की चाशनी तैयार की जाती है.

यह चाशनी न ज्यादा पतली होती है और न ही ज्यादा गाढ़ी, बल्कि इतनी कड़क और लचीली कि उसे खींचकर पतली पट्टी के रूप में फैलाया जा सके. इस चाशनी को बार-बार मोड़कर और खींचकर उसमें सही टेक्सचर लाया जाता है, ताकि बाद में रेवड़ियां टूटें नहीं और उनका आकार बराबर बने.

इसके बाद इस गुड़ की पट्टी को चाकू से छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है. यही छोटे टुकड़े आगे चलकर रेवड़ियों का रूप लेते हैं. अगला स्टेप वीडियो का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला हिस्सा है, इन टुकड़ों को एक तवे जैसे गोल लोहे के औजार से पैरों की मदद से प्लेन किया जाता है. देखने में यह तरीका भले ही अजीब लगे, लेकिन पुराने समय से यही पारंपरिक तकनीक चली आ रही है, जिससे रेवड़ियों का आकार एक जैसा बनता है.

जब ये टुकड़े अच्छे से चपटे हो जाते हैं, तो इन्हें सफेद दिल (चीनी या खसखस जैसा दिखने वाला पाउडर) में मिलाया जाता है. इसके बाद पूरी सामग्री को एक छननी (छलनी) में डाला जाता है. छननी का काम बहुत अहम है, जो रेवड़ियां आपस में चिपक जाती हैं, वे छननी में रह जाती हैं और जो सही तरीके से अलग-अलग बन चुकी होती हैं, वे नीचे गिर जाती हैं. इस तरह बिना ज्यादा मेहनत के साफ-सुथरी और एक जैसी रेवड़ियां तैयार हो जाती हैं.

वीडियो देखने वालों के लिए यह प्रक्रिया सिर्फ मिठाई बनाने का तरीका नहीं, बल्कि पारंपरिक देसी हुनर की झलक है. कई लोग इसे जुगाड़ टेक्नोलॉजी कह रहे हैं, तो कुछ लोग इसे हाइजीन से जोड़कर सवाल भी उठा रहे हैं. हालांकि सच यह है कि पहले के समय में इसी तरह खुले में, ताजे गुड़ और सादे औजारों से मिठाइयां बनाई जाती थीं और उनका स्वाद आज भी लोगों को याद है.

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कुल मिलाकर, यह वायरल वीडियो हमें याद दिलाता है कि देसी तरीके और पारंपरिक मिठाइयों की अपनी अलग पहचान और मिठास होती है. रेवड़ियों का यह देसी अंदाज आज के फास्ट-फूड और मशीनों के दौर में भी लोगों के दिलों को जीत रहा है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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