Heart Burn की समस्या दिल को कर सकती है बीमार, जानिए सीने में जलन होने पर क्या खाएं

Heart Burn Cause and Precautions: सीने में जलन जैसी समस्या आज के समय में लोगों में अमूमन देखी जाती है, इसकी कई वजहें हो सकती हैं. अगर आपको भी हार्ट बर्न की समस्या होती है तो जानिए इसके कारण और ऐसा होने पर क्या खाना चाहिए.

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Heart Burn: सीने में जलन होने पर क्या खाना चाहिए?

Heart Burn Cause and Precautions: एसिडिटी की समस्या आज के समय में इतनी आम हो गई है कि लोगों ने इसे परेशानी मानना ही बंद कर दिया है, लेकिन यही एसिडिटी सीने तक पहुंचकर हार्टबर्न की दिक्कत पैदा करती है.  लोगों को लगता है कि सीने में होने वाली जलन दिल की परेशानी है, लेकिन ये पेट से शुरू होकर फिर सीने तक पहुंचती है और कई अन्य बीमारियों को जन्म देती है. 

हार्टबर्न क्यों होता है?

हार्टबर्न के बारे में आयुर्वेद में बहुत अच्छे तरीके से समझाया गया है. जब शरीर में अम्ल की वृद्धि हो जाती है और पित्त बढ़ जाता है तो पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है, जिससे खाना पचाने में दिक्कत होती है और सीने में जलन होने लगती है.

हार्टबर्न के कारण

आयुर्वेद में हार्टबर्न के कई कारण बताए गए हैं, जिसमें खाना खाने के बाद न घूमना, ज्यादा तीखी और खट्टी चीजों का सेवन करना, तनाव लेना और नींद की कमी, ज्यादा कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन करना और शारीरिक क्रिया भी बिल्कुल नहीं करना शामिल है. आयुर्वेद में सभी बीमारियों का हल है.

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हार्टबर्न से बचने के लिए क्या खाएं?

हार्टबर्न से बचने के लिए ठंडी और रसीली चीजों का सेवन करें, जो पेट को ठंडा रखने में मदद करेगी. हार्टबर्न से बचने के लिए एलोवेरा का जूस सुबह खाली पेट पी सकते हैं. इससे पेट में बनने वाला अम्ल कम होगा और एसिडिटी से निजात मिलेगी. 

इसके अलावा सौंफ का पानी भी पेट को ठंडा रखने में सहायक है. सौंफ की तासीर ठंडी होती है. आप चाहें तो सौंफ और धागे वाली मिश्री का सेवन रात को कर सकते हैं, या सुबह उठकर सौंफ का पानी पी सकते हैं. ये दोनों ही तरीके पेट के पाचन तंत्र को ठीक करने में सहायक हैं.

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हार्टबर्न से बचने के लिए सुबह खाली पेट तुलसी के पत्ते चबाना, ठंडा दूध पीना और जीवनशैली में योग को अपना सकते हैं. पेट की पाचन क्रिया को ठीक करने के लिए हल्की सैर, व्रजासन, बलासान, पवनमुक्तासन कर सकते हैं.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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