केदारनाथ शिवलिंग त्रिभुज क्यों है? केदारनाथ शिवलिंग की कहानी क्या है, यहां जान‍िए

Kedarnath shivling ka rahasya : भक्‍त केदारनाथ धाम के कपाट खुल चुके हैं. अगर आप भगवान श‍िव के दर्शन करने जा रहे हैं तो जाने से पहले केदारनाथ शिवलिंग त्रिभुज के बारे में अवश्‍य जान लें.

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केदारनाथ शिवलिंग के पीछे क्या कहानी है.

Kedarnath shivling ki kahani : भक्‍तों आज केदारनाथ धाम के कपाट खुल जाएंगे. उखीमठ से बाबा केदार की डोली केदारनाथ पहुंच रही है. इस मंद‍िर से भक्‍तों की आस्‍था बहुत गहरी है. हर साल लाखों की तादाद में भक्‍त यहां दर्शन करने पहुंचते हैं और उनके दर्शन मात्र से धन्‍य हो जाते हैं. इस मंद‍िर का इत‍िहास बहुत पुराना है. भक्‍तों बता दें क‍ि इस मंद‍िर की व‍िशेष मान्‍यता है. भक्‍तों बाबा केदार साल में कुल 6 महीने ही यहां पर व‍िराजमान रहते हैं. गर्मी में बर्फ प‍िघलने लगती है और सारे रास्‍ते साफ हो जाते हैं. यही वजह है क‍ि यहां दर्शन करना आसान हो जाता है. 
भक्‍तों सर्दी में यहां रास्‍तों पर मंद‍िर में पहुंचना संभव नहीं है. इस कारण ही मंद‍िर के कपाट बंद कर द‍िए जाते हैं इस दौरान बाबा केदार की चल व‍िग्रह डोली को उखीमठ के ओंकारेश्‍वर मंद‍िर में लाया जाता है. भक्‍त पूरी ठंड बाबा केदार की यहीं पर पूजा होती है.
गर्मी शुरू होते ही बाबा केदार वापस केदारनाथ धाम पहुंच जाते हैं. अब मंद‍िर फ‍िर से खुल गया है, तो भक्‍तों आप दर्शन करने जा रहे हैं तो चल‍िए वहां का द‍िलचस्‍प इत‍िहास आपको बताते हैं. 

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भक्‍तों यहां जान‍िए इत‍िहास 

केदारनाथ मंद‍िर को भगवान श‍िव के 12 ज्‍योत‍िर्लिंगों  में से एक माना गया है. इसे स्‍वयंभू यानी अपने आप प्रकट हुआ श‍िव‍लिंग भी कहा जाता है. मान्‍यता है क‍ि महाभारत के युद्ध के बाद पांडव अपने पापों से मुक्‍त‍ि पाना चाहते थे और इसल‍िए वह भगवान श‍िव को ढूंढ रहे थे. श‍िव भगवान उनके कर्मों से बेहद नाराज थे. वह उन्‍हें दर्शन नहीं देना चाहते थे. ऐसे में उन्‍होंने भैंसे रूप धारण कर ल‍िया. 
प्रचल‍ित पौराण‍िक कथा के अनुसार भीम ने जैसे ही उन्‍हें पहचान ल‍िया, भगवान श‍िव वैसे ही   जमीन में समा गए. पर उस समय उनकी पीठ का ह‍िस्‍सा उपर रह गया. और अब केदारनाथ में इसे ही श‍िवल‍िंग के रूप में पूजा जाता है. भक्‍तों इस मंद‍िर का न‍िर्माण शंकराचार्य ने करवाया था. मान्‍यता है क‍ि यहां पर आए हुए हर भक्‍त के बाबा केदार दुख हर लेते हैं.  

त्रिकोणीय श‍िवल‍िंग का रहस्‍य 


केदारनाथ का श‍िवल‍िंग बाकी 11 ज्‍योत‍िर्लिंगों से काफी अलग है. सामान्‍य श‍िवल‍िंग जहां गोल आकार के होते हैं. पर यह श‍िवल‍िंग त्र‍िकोणीय आकार का बना है. माना गया है क‍ि यहां पर सच्‍चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. 

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