Ratha Saptami 2026: भारतीय संस्कृति में सूर्य देव को जीवन देने वाला देवता माना गया है. कहा जाता है कि जहां सूर्य की किरणें पहुंचती हैं. वहां अंधकार, बीमारी और निगेटिविटी दूर हो जाती है. माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला पर्व ‘रथ सप्तमी' (Rath Saptami Ka Manai Jati Hai) इसी सूर्य उपासना का विशेष दिन है. इसे सूर्य जयंती और माघ सप्तमी भी कहा जाता है. मान्यता है कि इसी दिन सूर्य देव (Surya Dev Ki Puja Kaise Karen) का प्रकट होना हुआ था. ये पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस साल ये 25 जनवरी को मनाया जा रहा है.
रथ सप्तमी का पौराणिक महत्व (Mythological Importance of Rath Saptami)
शास्त्रों के अनुसार, रथ सप्तमी के दिन सूर्य देव अपने सात घोड़ों वाले रथ पर सवार होकर पूरे संसार को प्रकाश देने निकले थे. इसी कारण इस दिन को सूर्य के तेज और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र सांब को दुर्वासा ऋषि के श्राप से कुष्ठ रोग हो गया था. तब उन्होंने सूर्य देव की तपस्या की और रोग से मुक्ति पाई. तभी से ये दिन आरोग्य, संतान सुख और रोग नाश के लिए विशेष माना जाने लगा.
सुहागिन महिलाओं के लिए क्यों खास है ये व्रत (Why This Fast Is Special for Married Women)
रथ सप्तमी का व्रत खास तौर पर विवाहित महिलाओं के लिए बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से पूजा करने से पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में सुख शांति बनी रहती है. इसे अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है.
इसके साथ ही ये व्रत निरोगी जीवन और सुंदरता से भी जुड़ा है. सूर्य की किरणें शरीर को ऊर्जा देती हैं और इम्यूनिटी बढ़ाती हैं. कई जगह आंगन में दूध उबालने की परंपरा है. जिसे घर में समृद्धि और खुशहाली का संकेत माना जाता है. जो महिलाएं संतान की इच्छा रखती हैं. उनके लिए भी ये दिन बहुत फलदायी माना गया है.
पूजा की सरल विधि (Simple Puja Method)
- रथ सप्तमी की पूजा बहुत कठिन नहीं है., इसे सरल तरीके से भी किया जा सकता है.
- मान्यता है कि सबसे पहले सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए. अगर संभव हो तो स्नान के पानी में गंगाजल मिलाएं. कुछ स्थानों पर स्नान करते समय सिर पर सात आक के पत्ते रखने की परंपरा है.
- इसके बाद तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत और थोड़ा सा गुड़ डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें. सूर्य मंत्र या ॐ सूर्याय नमः का जाप करें.
- जरूरतमंदों को अनाज, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करना भी शुभ माना जाता है. ये भी माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन में सेहत, सुख और समृद्धि बनी रहती है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.














