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नवरात्रि में तुलसी के पौधे को लेकर क्या नियम हैं? जानें क्या करें और क्या न करें

नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि में तुलसी के पौधे को लेकर भी कुछ नियम होते हैं. यहां जानिए नवरात्रि में तुलसी के पौधे को लेकर क्या नियम हैं?

नवरात्रि में तुलसी के पौधे को लेकर क्या नियम हैं? जानें क्या करें और क्या न करें
नवरात्रि में तुलसी के पौधे के नियम?
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हिंदू धर्म में नवरात्रि का खास महत्व है. साल में चार बार नवरात्रे होते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, दो नवरात्रि यानी चैत्र और शारदीय को लोग मनाते हैं और दो गुप्त नवरात्रि भी होती हैं. नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. अब शारदीय नवरात्रि आ रहे हैं. इस नवरात्रि पर लोग मां के नाम का व्रत रखते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं नवरात्रि में तुलसी के पौधे को लेकर भी कुछ नियम होते हैं. चलिए आपको बताते हैं शारदीय नवरात्रि 2026 कब से शुरू हैं? इस दौरान क्या करें और क्या न करें?

शारदीय नवरात्रि कब हैं?

हिंदू पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत अश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. इस साल प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजकर 19 मिनट से शुरू होगी. इसका समापन 11 अक्टूबर की रात 9 बजकर 30 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी और नवरात्रि का पहला व्रत 11 अक्टूबर को रखा जाएगा.

नवरात्रि में तुलसी के पौधे को लेकर क्या नियम हैं?

तुलसी को माता लक्ष्मी का प्रतीक रूप माना जाता है और तुलसी का पौधा हर हिंदू घर में होता है. नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के साथ-साथ तुलसी की पूजा का भी विशेष महत्व है. नवरात्रि के दौरान तुलसी के पौधे की पूजा करने और शाम को दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है. नवरात्रि के दिनों में माता दुर्गा के साथ तुलसी के पौधे के पास भी घी का दीपक जलाना चाहिए. नवरात्रि में तुलसी के पौधे को घर लाने और उसकी पूजा करने से वास्तु से जुड़े दोष भी दूर हो जाते हैं.

क्या करें

दीपक जलाएं- नवरात्रि के नौ दिनों में सुबह स्नान के बाद जल चढ़ाएं और शाम को माता दुर्गा के साथ तुलसी के पौधे के पास भी दीपक जलाएं.

गुरुवार का उपाय- नवरात्रि के दौरान जो भी गुरुवार पड़े, उस दिन तुलसी के पौधे में जल के साथ थोड़ा सा कच्चा दूध अर्पित करें. ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है.

क्या न करें

तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ें- नवरात्रि के समय तुलसी के हरे पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए. इस दौरान नीचे गिरे हुए पत्तों का पूजा में इस्तेमाल करना चाहिए.

गलत दिशा में न रखें- तुलसी के पौधे को सही दिशा में रखना बहुत ही जरूरी है. इसे कभी भी दक्षिण दिशा में न रखें. ये दिशा शुभ नहीं मानी जाती.

यह भी पढ़ें:- Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि कब से शुरू है? जानें 9 दिनों के व्रत की तिथि और घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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