Vaishakh Amavasya 2026: कब है वैशाख महीने की अमावस्या? जानिए इस बार कब दान करना रहेगा शुभ, पढ़ें मुहूर्त

Vaishakh Amavasya 2026 Date and Time: आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस साल वैशाख महीने की अमावस्या कब है और इस बार दान करने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा...

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वैशाख अमावस्या 2026
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Vaishakh Amavasya 2026 Kab Hai: हिन्दू धर्म में वैशाख महीने की अमावस्या तिथि बहुत ज्यादा खास मानी जाती है. इस दिन जरूरतमंदों को दान करना और पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत ही ज्यादा शुभ माना जाता है. साथ ही यह दिन पितृ दोष की शांति, तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए सबसे उत्तम माना जाता है. माना जाता है कि ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस साल वैशाख महीने की अमावस्या कब है और इस बार दान करने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा...

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कब है वैशाख महीने की अमावस्या तिथि?

हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख महीने की अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 अप्रैल को रात 8 बजकर 11 मिनट पर होगी. वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 17 अप्रैल को शाम 5 बजकर 21 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को रहेगी.

क्या है दान का शुभ मुहूर्त?

वैशाख अमावस्या पर दान-स्नान का शुभ मुहूर्त 17 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 54 मिनट से सुबह 10 बजकर 44 मिनट तक रहेगा. आप इस अवधि में दान-स्नान कर सकते हैं. अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान करने नहीं जा सकते हैं तो आप घर पर ही पानी में गंगा जल डालकर स्नान कर सकते हैं.

बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग

पंचांग के अनुसार इस साल वैशाख अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. मान्यता है कि इस योग में किए गए हर कार्य में सफलता मिलती है. साथ ही इस योग में दान-स्नान करना भी बेहद शुभ होता है. वैशाख अमावस्या पर यह योग पूरे दिन रहेगा. इस दौरान आप पूजा-पाठ और दान कर सकते हैं.

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वैशाख अमावस्या पर करें इन मंत्रों का जाप

  • ॐ श्री पितराय नमः
  • ॐ श्री पितृदेवाय नमः
  • ॐ श्री पितृभ्यः नमः
  • ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः
  • ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः
  • ॐ श्राध्दाय स्वधा नमः
  • ॐ नमः शिवाय
  • ॐ श्रीं सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशं हं हं सुख शांतिम् देहि फट् स्वाहा
  • ॐ पितृदेवताभ्यो नमः
  • ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
 

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