प्रतिदिन सूर्य देव को जल चढ़ाने के क्या फायदे हैं, जानिए क्या कहते हैं ज्योतिष के नियम

भगवान सूर्य को जल कैसे चढ़ाएं? ज्योतिष के अनुसार रविवार को नियमित रूप से कुछ उपाय अपनाने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और स्थिरता आती है. इन्हीं उपायों को आमतौर पर रविवार के सात शुभ कामों के रूप में बताया गया है.

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रविवार को सूर्य देव की पूजा कैसे करें?

Surya dev ki puja ke fayde : ज्योतिष शास्त्र में सूर्य (Surya) को आत्मा, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य, पिता, नेतृत्व क्षमता, सरकारी काम और सम्मान से जोड़कर देखा जाता है. रविवार सूर्य देव (Lord Sun) का दिन माना जाता है, इसलिए इस दिन किए गए कुछ खास काम सूर्य को मजबूत करने में मदद करते हैं. मान्यता है कि जब कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, तो व्यक्ति के जीवन में स्वास्थ्य बेहतर रहता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलते हैं.

ज्योतिष के अनुसार रविवार को नियमित रूप से कुछ उपाय अपनाने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और स्थिरता आती है. इन्हीं उपायों को आमतौर पर रविवार के सात शुभ कामों के रूप में बताया गया है.

सूर्योदय के समय अर्घ्य देने का महत्व
रविवार की सुबह सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करना सबसे सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है. इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल फूल, अक्षत और कुमकुम मिलाया जाता है. इसके बाद पूर्व दिशा की ओर खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.


अर्घ्य देते समय ऊँ घृणि सूर्याय नमः या ऊँ हां हां हिंग सः सूर्य नमः मंत्र का जप किया जाता है. 11 या 108 बार मंत्र जप करने से सूर्य से जुड़ी परेशानियों में कमी आती है. मान्यता है कि इस उपाय से आत्मविश्वास बढ़ता है, स्वास्थ्य सुधरता है और सरकारी कामों में सफलता मिलती है.



रविवार को लाल वस्तुओं का दान क्यों जरूरी
ज्योतिष में लाल रंग को सूर्य का रंग माना गया है. इसलिए रविवार के दिन लाल रंग की वस्तुओं का दान शुभ फल देता है. लाल कपड़ा, लाल फूल, लाल चंदन, गुड़, गेहूं या तांबे से जुड़ी चीजें दान में दी जा सकती हैं. मान्यता है कि यह दान सूर्य की ऊर्जा को मजबूत करता है और पिता व पितृस्वरूप के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में राहत देता है. साथ ही करियर में तरक्की और समाज में सम्मान बढ़ने के योग बनते हैं.

गुड़ और गेहूं का प्रसाद क्यों माना जाता है खास
रविवार के दिन गुड़ और गेहूं से जुड़ा भोजन करना भी सूर्य को प्रसन्न करने वाला उपाय माना गया है. इस दिन गेहूं की रोटी या हलवा बनाकर गुड़ के साथ खाने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे सूर्य की कृपा मिलती है, पाचन शक्ति मजबूत होती है, रक्त से जुड़ी परेशानियों में कमी आती है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. घर के सभी लोगों को यह प्रसाद खिलाने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ
रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि यह स्तोत्र भगवान राम को दिया गया था. सुबह स्नान के बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके 3, 7 या 11 बार इसका पाठ किया जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस पाठ से सूर्य मजबूत होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है, नेतृत्व क्षमता विकसित होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं.

रविवार व्रत और सात्विक भोजन का असर
रविवार को व्रत रखना या सात्विक भोजन करना भी सूर्य को प्रसन्न करता है. इस दिन मांस, मदिरा और लहसुन-प्याज से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है. भोजन में गेहूं, गुड़, चावल, दूध और लाल फलों को शामिल किया जाता है. मान्यता है कि इससे सूर्य की ऊर्जा बढ़ती है और स्वास्थ्य, सम्मान व धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक असर दिखता है.

सूर्य मंत्र जप और ध्यान का लाभ
रविवार को सूर्य मंत्र का जप और ध्यान करना भी प्रभावी उपाय माना जाता है. ऊँ हां हां हिंग सः सूर्य नमः मंत्र का 108 या 1008 बार जप किया जाता है. सूर्य यंत्र या सूर्य देव की तस्वीर के सामने बैठकर ध्यान करने से साहस बढ़ता है और नेतृत्व क्षमता मजबूत होती है.ज्योतिष के अनुसार यह उपाय करियर और सरकारी कामों में सफलता दिलाने में सहायक माना जाता है.

नियमित पूजा से बदलता है जीवन
रविवार को सूर्य देव की पूजा में लाल चंदन, लाल फूल, गुड़ और गेहूं चढ़ाने की परंपरा है. रोज सुबह सूर्य को जल देने की आदत बनाने से सूर्य प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि नियमित पूजा से जीवन में स्वास्थ्य बेहतर रहता है, आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और व्यक्ति को समाज में सम्मान मिलता है.

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