Somvar Vrat Vidhi: कब और कैसे शुरू करना चाहिए सोमवार का व्रत? जानें विधि, महत्व और इसके बड़े लाभ

Somwar Ka Vrat Kaise Karen: हिंदू धर्म में किसी भी देवी या देवता से मनचाहा आशीर्वाद पाने के लिए व्रत उत्तम उपाय माना गया है. देवों के देव महादेव को मनाने के लिए सोमवार का व्रत कब और कैसे शुरू करना चाहिए? इसे करने पर क्या लाभ होता है? सोमवार व्रत की पूजा विधि और लाभ जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.

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How to do 16 Somvar Vrat: सोमवार व्रत की पूजा विधि एवं लाभ
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Somvar Vrat Puja Vidhi And Significance: हिंदू धर्म में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सोमवार व्रत का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. सोमवार का नाम सोम शब्द से बना है. जिसका अर्थ चंद्रमा होता है. हिंदू मान्यता के अनुसार सोमवार के दिन पूजा करने पर न सिर्फ भगवान शिव बल्कि उनके मस्तक पर शोभायमान चंद्र देवता का भी आशीर्वाद मिलता है. मान्यता है कि जो कोई व्यक्ति सोमवार के दिन तन-मन से पवित्र होकर पूरे श्रद्धा-भाव से महादेव का यह व्रत रखता है और उनके मंत्रों का जप करता है, उसकी सभी कामनाएं शीघ्र ही पूरी होती हैं. आइए सोमवार व्रत की पूरी विधि, उपाय और लाभ के बारे में विस्तार से जानते हैं. 

सोमवार का व्रत कब शुरू करें?

औघड़दानी भगवान शिव की कृपा दिलाने वाले सोमवार व्रत को आप किसी भी मास के शुक्लपक्ष में पड़ने वाले सोमवार से प्रारंभ कर सकते हैं. हालांकि इसे सावन, कार्तिक, चैत्र या फिर वैशाख महीने में प्रारंभ करना अत्यंत ही शुभ माना जाता है. यदि संभव हो तो व्यक्ति को सोमवार का व्रत शिव कृपा बरसाने वाले श्रावण मास में ही प्रारंभ करना चाहिए. 

कितने सोमवार व्रत करने चाहिए?

हिंदू मान्यता के अनुसार देवों के देव महादेव से मनचाहा आशीर्वाद पाने के लिए साधक को कम से कम सोलह सोमवार का व्रत (16 Somvar Vrat) लगातार करना चाहिए. अगर आप इतने दिनों तक लगातार इस व्रत को नहीं रख सकते तो आप इसे श्रावण मास में पड़ने वाले 4 अथवा 5 सोमवार व्रत करके पुण्यफल प्राप्त कर सकते हैं.

सोमवार व्रत पूजा विधि 

सोमवार के दिन साधक को स्नान-ध्यान करने के बाद सफेद वस्त्र धारण करने के बाद भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करना चाहिए. साधक को इस दिन किसी शिवालय में जाकर या फिर अपने घर में शिवलिंग पर दूध, गंगाजल, दही, घी, शहद, और शक्कर आदि से अभिषेक करना चाहिए. शिव पूजा में साधक को सफेद चंदन का विशेष रूप से प्रयोग करना चाहिए.

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सोमवार व्रत की पूजा में साधक को शिव की प्रिय चीजें जैसे, बेलपत्र, शमीपत्र, बेल का फल, धतूरा, सफेद पुष्प आदि अर्पित करना चाहिए. विधि-विधान से शिव पूजा करने के बाद साधक को सोमवार व्रत की कथा पढ़ना चाहिए. सोमवार व्रत की पूजा के अंत में महादेव की आरती अवश्य करें. 

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सोमवार व्रत का महाउपाय 

सोमवार व्रत का पुण्यफल पाने के लिए साधक को सोमवार वाले दिन शिवलिंग पर दूध एवं गंगाजल मिलाकर 11 लोटे अर्पित करना चाहिए. इसके बाद महादेव को सफेद चंदन का तिलक अर्पित करने के बाद अपने माथे पर प्रसाद के रूप में धारण करना चाहिए. फिर महादेव को बेलपत्र और पुष्प आदि चढ़ाकर उनके मंत्रों का कम से कम रुद्राक्ष की माला से 108 बार जप करना चाहिए. सोमवार व्रत वाले दिन पूजा का यह उपाय सभी कामनाओं को शीघ्र ही पूरा करता है. 

सोमवार व्रत का कब करें उद्यापन?

हिंदू मान्यता के अनुसार जब 16 सोमवार के व्रत पूरे हो जाएं तो व्यक्ति को 17वें सोमवार वाले दिन तन और मन से पवित्र होने के बाद सफेद वस्त्र धारण करना चाहिए. इसके बाद पूरे विधि-विधान से महादेव और माता पार्वती का पूजन, हवन और दान करना चाहिए. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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