Skand Shashthi 2026 Kab Hai: हिन्दू पंचांग के अनुसार हर महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भी भक्त इस दिन श्रद्धा भाव के साथ भगवान कार्तिकेय की पूजा करता है उसके जीवन से सभी प्रकार की समस्याएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. इसी कड़ी में आइए जानते हैं इस साल स्कंद षष्ठी का व्रत कब रखा जाएगा, क्या है सही तारीख, तिथि और शुभ मुहूर्त...
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कब रखा जाएगा स्कंद षष्ठी का व्रत?
वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि की शुरुआत 23 मार्च को शाम 6 बजकर 38 मिनट पर हो रही है. वहीं, इसका समापन 24 मार्च को शाम 4 बजकर 7 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए स्कंद षष्ठी का व्रत 24 मार्च को रखा जाएगा. इस दिन आप भगवान कार्तिकेय की पूजा कर व्रत रख सकते हैं.
24 मार्च का शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से दोपहर 3 बजकर 19 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6 बजकर 33 मिनट से 6 बजकर 57 मिनट तक
अमृत काल: शाम 4 बजकर 6 मिनट से 5 बजकर 35 मिनट तक
स्कंद षष्ठी व्रत महत्व
हिन्दू धर्म में स्कंद षष्ठी का व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है. इसके अलावा संतान प्राप्ति के लिए यह व्रत बेहद फलदायी माना जाता है. इससे संतान प्राप्ति का आशीर्वाद तो मिलता ही, साथ में जीवन में खुशहाली और तरक्की भी बनी रहती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा करने से स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी ठीक होती हैं और भगवान कार्तिकेय अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.













