सावन के चौथे सोमवार पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में की गई भस्म आरती

Sawan Somwar: महाकालेश्वर मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जिन्हें भोलेनाथ का सबसे पवित्र निवास माना जाता है.

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Bhasma Aarti: भगवान शिव की भस्म आरती केवल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ही की जाती है. 
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उज्जैन (मध्य प्रदेश):

सावन माह के चौथे सोमवार को सुबह-सुबह उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल की भस्म आरती पूरे रीति-रिवाजों के साथ की गई. 
बारह ज्योतिर्लिंगों में तीसरे स्थान पर विराजमान भगवान महाकालेश्वर की आज सुबह-सुबह उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के साथ पूजा हुई. 
भगवान शिव की भस्म आरती केवल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ही की जाती है. यह आरती सुबह 4 बजे चिता की ताजी राख से की जाती है.

विस्तृत भस्म आरती करने से पहले मंदिर के पुजारियों द्वारा भगवान शिव को दूध, दही, शहद, चीनी और फलों का रस अर्पित किया गया. उसके बाद, भगवान पर चंदन, अबीर, गुलाल, सूखे मेवे और अन्य प्रसाद अर्पित किए गए. 
महाकालेश्वर मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है जिन्हें भोलेनाथ का सबसे पवित्र निवास माना जाता है.

भारत के मध्य प्रदेश राज्य के प्राचीन शहर उज्जैन में स्थित यह मंदिर पवित्र नदी शिप्रा के किनारे स्थित है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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