Ramadan 2026: रमज़ान पवित्र महीना 19 फरवरी, 2026 से शुरू हो चुका है. यह महीना इबादत, आत्मचिंतन और आत्मिक शांति का समय माना जाता है. रमज़ान का महीना चांद दिखने पर शुरू होता है. आम तौर पर गल्फ देशों और पश्चिमी क्षेत्रों में चांद पहले दिखाई देता है. उसके एक दिन बाद भारत और आसपास के देशों में चांद दिखाई देता है. इसलिए कई बार रमज़ान की शुरुआत की तारीख अलग-अलग जगहों पर अलग होती है. इस महीने में रोज़ा रखने वाले लोग सुबह से शाम तक कुछ भी खाने-पीने से परहेज करते हैं और सूर्यास्त के समय रोज़ा खोलते हैं. चलिए आपको बताते हैं 27 फरवरी, 2026 को सहरी का समय क्या है?
रोज़ा कैसे रखा जाता है?
रमज़ान के पूरे महीने मुसलमान सुबह फज्र यानी सूरज निकलने से पहले से शाम मग़रिब यानी सूरज ढलने तक, रोज़ा रखते हैं. इस दौरान रोज़ा रखने वाले कुछ भी खाते-पीते नहीं हैं.
इस्लाम में रोज़ा रखने से पहले सुबह सूरज निकलने से पहले खाया जाने वाला भोजन है. रमज़ान के महीने में मुसलमान दिन भर के रोज़े की शुरुआत इसी खाने से करते हैं. सेहरी का समय रात के आखिरी पहर में होता है और इसे फ़ज्र की अज़ान यानी सुबह की पहली प्रार्थना से पहले समाप्त करना अनिवार्य है.
सेहरी का समय क्यों बदलते रहता है?रमज़ान के दौरान दिन की लंबाई बदलती रहती है, इसलिए सेहरी का समय हर दिन थोड़ा-थोड़ा बदलता है. भारत के अलग शहरों जैसे लखनऊ, दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में सेहरी का समय अलग होता है.
- नई दिल्ली- सुबह 5.29 बजे
- मुंबई- सुबह 5.46 बजे
- कोलकाता- सुबह 4.45 बजे
- हैदराबाद- सुबह 5.23 बजे
- बेंगलुरु- सुबह 5:26 बजे
- लखनऊ- सुबह 5.14 बजे
- चेन्नई - सुबह 5.15 बजे














