Chaitra Navratri 2026 Day 9: आज यानी 27 मार्च, शुक्रवार को चैत्र नवरात्रि का समापन हो रहा है. नवरात्रि के नौवें दिन मां दुर्गा के नौवें रूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. मां सिद्धिदात्री को सभी सिद्धियों और सफलताओं की दाता माना जाता है. उनका स्वरूप बहुत शांत और दिव्य है. माना जाता है कि मां सिद्धिदात्री की विधि और श्रृद्धा भाव से पूजा करने से भक्तों को भौतिक सुख, संपत्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है. ऐसे में आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा कैसे करें, मां को किस चीज का भोग लगाया जाता है. साथ ही जानेंगे मां सिद्धिदात्री का मंत्र, शुभ रंग और कथा-
मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि | Maa Siddhidatri Puja Vidhi- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें.
- घर के पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ कर गंगाजल से शुद्ध करें.
- पूजा स्थान में मां की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें.
- दीपक जलाएं, फूल चढ़ाएं और सच्चे मन से मां को याद करें.
- इसके बाद मां के मंत्रों का जाप करें.
- अंत में आरती करके प्रसाद सभी में बांटें.
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
बीज मंत्रह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।
स्तुति मंत्रया देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।
मां सिद्धिदात्री को तिल और मेवे से बने व्यंजनों का भोग लगाना शुभ माना जाता है.
नवरात्रि के नौवें दिन का रंगइस दिन बैंगनी रंग पहनना शुभ माना जाता है, जो आध्यात्मिकता और समृद्धि का प्रतीक है.
मां सिद्धिदात्री कथा | Maa Siddhidatri Kathaकहा जाता है कि जब असुरों के अत्याचार बढ़ गए, तब देवताओं ने भगवान विष्णु और भोलेनाथ से सहायता मांगी. तब सभी देवताओं की ऊर्जा से एक दिव्य शक्ति प्रकट हुई, जिन्हें मां सिद्धिदात्री कहा गया. मां ने देवताओं को शक्तियां प्रदान कीं और बुराई का नाश किया. मान्यता है कि भगवान शिव ने भी मां की तपस्या करके उनसे सिद्धियां प्राप्त की थीं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














