रक्षाबंधन में अब बस कुछ दिन बाकी हैं. इस साल भाई बहन के अटूट प्यार का ये पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती है. वहीं, बदले में भाई बहन की रक्षा करने का वचन देता है. हालांकि, हर साल त्योहार को लेकर कई लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं. जैसे- राखी बांधने की सही विधि क्यो होती है, अगर बहन नहीं आ सके तो किससे राखी बंधवा सकते हैं या राखी बांधते समय किस मंत्र का जाप करना चाहिए. ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित ने इन सवालों के जवाब बताए हैं. आइए जानते हैं-
सवाल- बहन नहीं आ सके तो किससे बंधवाएं राखी?
कई बार दूरी या किसी दूसरी वजह से बहन रक्षाबंधन पर भाई के पास नहीं आ पाती है लेकिन राखी भिजवा देती है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, अगर बहन ने राखी भेजी है तो उसकी गैरमौजूदगी में बेटी या चचेरी बहन से राखी बंधवाई जा सकती है.
कई लोग अपनी बेटी से भी राखी बंधवाते हैं. इसे लेकर ज्योतिषाचार्य बताते हैं, रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का पर्व नहीं है. यह सुरक्षा और प्रेम का पर्व भी है. इसलिए बेटी अपने पिता को राखी बांध सकती है और पिता भी बेटी को हमेशा उसकी रक्षा करने का वचन दे सकते हैं.
सवाल- क्या भाई को राखी बंधवाने के बाद बहन को पैसे देने चाहिए?ज्योतिषाचार्य कहते हैं, राखी बांधने के बाद भाई का बहन को पैसे देना जरूरी नहीं है. भाई अपनी बहन को अपनी क्षमता के अनुसार कोई उपहार, उसकी पसंद की चीज या पैसे भी दे सकता है. इसे प्यार और सम्मान के रूप में देखा जाता है और धार्मिक तौर पर इसे लेकर कोई नियम नहीं है.
राखी बांधते समय भाई का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखें. सबसे पहले भाई के माथे पर तिलक और अक्षत लगाएं. इसके बाद उसकी कलाई पर राखी बांधें, आरती करें और आखिर में मिठाई खिलाएं.
सवाल- राखी बांधते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित बताते हैं, भाई को राखी बांधते समय बहन को
येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि, रक्षे माचल माचलः।।
मंत्र का जाप करना चाहिए.
सवाल- राखी को कलाई पर कब तक बांधें रखें और बाद में क्या करें?ज्योतिषाचार्य के अनुसार, राखी को 7 दिन या 15 दिन तक बांधे रखा जा सकता है. कुछ जगहों पर इसे जन्माष्टमी तक रखने की परंपरा भी है. राखी उतारने के बाद उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित किया जा सकता है या जमीन में गड्ढा खोदकर रखा जा सकता है. उसे कहीं भी ऐसे ही नहीं फेंकना चाहिए.
इस सवाल को लेकर ज्योतिषाचार्य कहते हैं, रक्षाबंधन के दिन बहन और भाई दोनों उपवास रख सकते हैं. इसे लेकर कोई विशेष नियम नहीं है. दोनों अपनी इच्छा और सुविधा के अनुसार व्रत रख सकते हैं.
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