Rahu ko prasann karne ke upay: नवग्रहों में शनि की तरह राहु और केतु को लेकर लोगों के मन अक्सर भय बना रहता है. यदि बात करें राहु की तो यह एक छाया ग्रह है, जिसका कोई अस्तित्व नहीं होता है. राहु यदि शुभ फल दे तो व्यक्ति राजनीति, मीडिया और अभिनय आदि के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल करता है. ऐसा व्यक्ति येन-केन-प्रकारेण सियासत में अपनी धमक बनाए रखता है. इसके प्रभाव से लोगों को अचानक बड़ी सफलता मिलती है, लेकिन यदि राहु विपरीत फल दे रहा हो तो व्यक्ति का करियर हो या कारोबार सीधे आसमान से जमीन पर आ जाता है.
राहु से संबंधित दोष व्यक्ति के भीतर भ्रम और मानसिक तनाव पैदा करता है. यदि आपकी कुंडली में राहु रोड़े अटकाने का काम कर रहा है तो आपको उसके दोष को दूर करने के लिए नीचे दिये गये सरल सनातनी उपायों को जरूर एक बार आजमाना चाहिए.
किन रिश्तों से है राहु का संबंध?
नवग्रहों का संबंध आपके रिश्तों से भी होता है. ज्योतिष के अनुसार छाया ग्रह राहु का संबंध साले और ससुर से होता है. ऐसे में राहु के अशुभ फल से बचने के लिए व्यक्ति को अपने साले और ससुर से संबंध मधुर बनाए रखना चाहिए.
राहु का मंत्र क्या है?
राहु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए किसी योग्य पुजारी के माध्यम से अपने पूजा घर में राहु यंत्र स्थापित करवाएं और उसकी प्रतिदिन पूजा करें. राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए उसके मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' या फिर 'ॐ रां राहवे नमः' मंत्र का जप करना चाहिए. राहु की पूजा करते समय राहु के ध्यान मंत्र - अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम्, सिंहिकागर्भसम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम् का विशेष रूप से पाठ करें.
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राहु के लिए किसकी पूजा करनी चाहिए?
ज्योतिष के अनुसार छाया ग्रह राहु के कष्टों से बचने के लिए भगवान भैरव और मां सरस्वती की विशेष साधना और आराधना करनी चाहिए. यदि राहु के दोष के चलते आपको अपने करियर-कारोबार आदि में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो आपको रविवार के दिन भैरव मंदिर में जाकर विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. यदि भैरव मंदिर न मिले तो आप भगवान शिव की साधना करके भी इसके दुष्प्रभाव से बच सकते हैं. इसके अलावा हनुमत साधना भी राहु के कष्टों से मुक्ति दिलाती है.
राहु का उपाय क्या है?
यदि आपकी कुंडली में राहु की महादशा चल रही हो तो आपको उसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए शनिवार के दिन किसी नदी के बहते हुए पानी में कोयला, काला तिल या फिर पानी वालाी नारयिल प्रवाहित करें. ज्योतिष के अनुसार शनिवार के दिन व्रत रखने से भी राहु से संबंधित पीड़ा का शमन होता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)













