Mangal ke Upay: वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, आत्मबल, भूमि, रक्त और अनुशासन का प्रतीक माना गया है. यह ग्रह व्यक्ति को निडर, मेहनती और नेतृत्व करने वाला बनाता है. लेकिन जब कुंडली में मंगल कमजोर, अशुभ या दोषयुक्त होता है, तो जीवन में कई तरह की परेशानियाँ आने लगती हैं. इस स्थिति में क्रोध, दुर्घटना, कर्ज, विवाद, विवाह में बाधा और स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. हालांकि, ज्योतिष शास्त्र में मंगल को मजबूत करने के कुछ ऐसे अचूक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें विधि-पूर्वक करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखा जा सकता है. आइए ज्योतिषविद एवं वास्तु विशेषज्ञ राकेश चतुर्वेदी से जानते हैं मंगल के कुछ ऐसे ही अचूक उपाय-
कैसे पहचानें कि कुंडली में मंगल कमजोर है?
ज्योतिषविद बताते हैं, अगर बार-बार चोट लगती हो, रक्त से जुड़ी समस्या रहती हो, गुस्सा जल्दी आता हो, भूमि या वाहन से नुकसान हो, विवाह में विलंब या तनाव हो और कार्यों में बार-बार रुकावट आ रही हो, तो यह कमजोर मंगल के संकेत माने जाते हैं.
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा
मंगल ग्रह के अधिदेवता हनुमान जी हैं. हर मंगलवार हनुमान जी की पूजा करें. हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें और उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल अर्पित करें. यह उपाय मंगल दोष को शांत करता है और भय व क्रोध को कम करता है.
मंगल मंत्र का नियमित जपमंगल को सशक्त करने का सबसे प्रभावी उपाय मंत्र जाप है.
मंत्र है-
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
मंगलवार के दिन लाल वस्त्र पहनकर इस मंत्र का 108 बार जप करें. इससे आत्मबल और ऊर्जा में वृद्धि होती है.
दान करने से ग्रहों की नकारात्मकता कम होती है. मंगलवार को लाल मसूर दाल, गुड़, तांबा या लाल कपड़ा किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें. यह मंगल की अशुभता को कम करता है.
भूमि और माता-पिता का सम्मानमंगल भूमि और माता का कारक ग्रह है. मां का सम्मान करें, उनका आशीर्वाद लें और भूमि या भवन से जुड़े विवादों से बचें. भूमि का अपमान या गलत उपयोग मंगल को कमजोर करता है.
मंगल ऊर्जा और कर्म का ग्रह है. रोजाना व्यायाम, योग या सूर्य नमस्कार करें. क्रोध और आवेश पर नियंत्रण रखें और जीवन में अनुशासन अपनाएं. सक्रिय जीवनशैली मंगल को मजबूत बनाती है.
ज्योतिषविद कहते हैं, मूंगा (Red Coral) पहनना मंगल के लिए लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसे पहनने से पहले कुंडली की जांच जरूरी है. गलत स्थिति में रत्न नुकसान भी कर सकता है, इसलिए हमेशा किसी योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह से ही पहनें.
इन उपायों को श्रद्धा और नियम से अपनाने पर जीवन में सकारात्मक बदलाव अवश्य देखने को मिलते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














