Mangalwar Vrat Vidhi: भूमिपुत्र मंगल को मनाने के लिए आखिर कैसे रखें मंगलवार का व्रत, जानें पूरी विधि एवं नियम 

Tuesday Fast Method: भूमिपुत्र मंगल अगर किसी पर मेहरबान हो जाए तो उसे सत्ता के शिखर तक पहुंचा पावरफुल बना देता है, वहीं इससे जुड़ा दोष व्यक्ति के आत्मविश्वास, साहस और ऊर्जा में कमी लाते हुए उसे कमजोर बना देता है. मंगलवार के जिस व्रत को करने से कुंडली का मंगल मजबूत होकर शुभ फल प्रदान करता है, उसकी ​विधि जानने के लिए पढ़ें ये लेख. 

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Tuesday Fasting Rules :  मंगलवार का व्रत कब और कैसे शुरू करना चाहिए? 
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Mangalwar Ka Vrat Kaise Karen: ज्योतिष में भूमिपुत्र मंगल का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल जिस किसी की कुंडली में ताकतवर होकर शुभ फल प्रदान करता है, वह व्यक्ति हमेशा साहसी और निडर होता है. उसके भीतर नेतृत्व करने की असीम क्षमता रहती है. अमूमन ऐसे लोग पुलिस,सेना,प्रशासन आदि में काफी सफल होते हैं.ऐसे लोगों को भूमि-भवन, वाहन और छोटे भाई-बहन का सुख प्राप्त होता है, वहीं मंगल के अशुभ होने पर इन सभी चीजों को लेकर विपरीत फल प्राप्त होते हैं.

ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह की शुभता को पाने के लिए मंगलवार का व्रत अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना गया है. यदि आप भी अपने कुंडली में स्थित मंगल को मजबूत बनाने के लिए मंगलवार का व्रत प्रारंभ करना चाहते हैं तो आपको इस लेख में विस्तार से बताई गई विधि और नियम को जरूर जानना चाहिए. 

मंगलवार का व्रत कब शुरू करना चाहिए?

हिंदू मान्यता के अनुसार मंगलवार का व्रत आप किसी भी मास के शुक्लपक्ष के पहले मंगलवार से प्रारंभ कर सकते हैं. हालांकि इसे प्रारंभ करने के लिए ज्येष्ठ मास का बड़ा मंगल भी अत्यंत ही शुभ माना जाता है. इसके अलावा आप अगहन या वैशाख मास के शुक्लपक्ष में शुभ मुहूर्त देखकरभी इस व्रत की शुरुआत कर सकते है. 

मंगलवार व्रत की पूजा विधि 

मंगलवार के दिन साधक को प्रात:काल स्नान करने के बाद लाल रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए. इसके बाद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार एक निश्चित संख्या में मंगलवार व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प लेना चाहिए. फिर किसी देवालय अथवा घर के ईशान कोण में पूर्व या उत्तर की तरफ मुंह करके लाल रंग के आसन पर बैठना चाहिए और एक चौकी पर लाल रंग का आसन बिछाकर मंगल देवता का चित्र या मूर्ति रखें. फिर उनकी लाल रंग के पुष्प, रोली, चंदन, धूप, दीप, नारियल, ​मिठाई आदि अर्पित करने के बाद मंगलवार व्रत की कथा श्रद्धा भाव से कहनी या सुननी चाहिए.

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मंगलवार व्रत का शुभ फल पाने के लिए इस दिन पूजा में मंगल देवता के मंत्र 'ॐ अं अंगारकाय नमः' अथवा ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जप अवश्य करना चाहिए. मंगलवार का व्रत करने वाले साधक को दिन भर में एक बार गेहूं के चूरमे का सेवन करना चाहिए. जब मंगलवार व्रत की संख्या पूरी हो जाए तो विधि-विधान से हवन-पूजन आदि करके इसका उद्यापन करना चाहिए. 

मंगलवार व्रत के नियम

  • मंगलवार का व्रत रखने वाले साधक को यदि संभव हो सके तो लाल रंग के वस्त्र पहनना चाहिए. 
  • हिंदू मान्यता के अनुसार मंगल देवता का व्रत कम से कम 21 या फिर 45 मंगलवार रखना चाहिए. 
  • मंगलवार वके व्रत में तन और मन की पवित्रता अत्यधिक आवश्यक मानी गई है. इस दिन व्यक्ति को पूरे दिन ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए स्त्री प्रसंग से दूर रहना चाहिए. 
  • मंगलवार का व्रत करने वाले साधक को मंगल देवता के साथ हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए.
  • मंगलवार व्रत वाले दि व्यक्ति को नमक का सेवन नहीं करना चाहिए और पूरे दिन में एक बार मीठा भेाजन जैसे दूध, मीठी रोटी, खीर आदि का सेवन करना चाहिए.  
  • मंगलवार का व्रत करने वाले व्यक्ति को क्रोध नहीं करना चाहिए और न ही इस दिन अपने बाल, नाखून आदि कटवाना चाहिए.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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