Mangal Gochar 2025:मंगल के धनु राशि में गोचर से किन चार राशियों की चमकेगी किस्मत और किन्हें करना होगा अभी इंतजार?

Mangal Gochar 2025 Effects: ज्योतिष में नवग्रहों का सेनापति कहलाने वाला मंगल 07 दिसंबर 2025 को अपनी राशि वृश्चिक से निकलकर देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु में गोचर कर गया है. मंगल का यह गोचर आखिर किन राशियों के जीवन में मंगल ही मंगल करने जा रहा है और किन राशियों को इस गोचर के दौरान थोड़ा सावधान रहने की जरूरत रहेगी, जानने के लिए पढ़ें मेष से लेकर मीन तक का पूरा भाग्यफल. 

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Mangal Gochar 2025: मंगल के धनु राशि में गोचर का 12 राशियों पर प्रभाव
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Mangal Gochar 2025 Horoscope for 12 zodiac sign: ज्योतिष में जिस मंगल को  ऊर्जा का स्रोत, और कर्म–साहस–रणनीति का स्वामी माना गया है, वह 7 दिसम्बर 2025 को धनु राशि में गोचर कर गया है. अग्नितत्व, साहस और गति का ग्रह मंगल जब गुरु की अग्नितत्व राशि धनु में प्रवेश करता है, तब यह जीवन में उत्साह, निर्णायक शक्ति, जोखिम लेने की प्रवृत्ति, यात्राओं, उच्च ज्ञान तथा नैतिक संघर्षों को विशेष रूप से प्रभावित करता है. ज्योतिष के अनुसार मंगल जब धनु में प्रवेश करता है, तब व्यक्ति सत्य के लिए संघर्ष करते हुए तेज निर्णय लेता है. उस दौरान यात्राएँ, आध्यात्मिक उत्थान, और ऊर्जा में अचानक उछाल देखने को मिलता है. आइए जानी-मानी ज्योतिषाचार्या एवं वास्तुविद डॉ. नीति एस. शर्मा से जानते हैं कि मंगल का धनु राशि में गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर क्या कुछ प्रभाव डालने जा रहा है. 

मेष राशि
मंगल स्वामी: लग्न व अष्टम भाव
गोचर भाव: नवम भाव (भाग्य, धर्म, यात्राएँ)
मंगल का धनु राशि में गोचर मेष राशि के जातकों को भाग्य में वृद्धि, नौकरी में प्रगति, विदेश यात्राएं, इंटरव्यू में सफलता दिला सकता है. इस दौरान आपके पिता से संबंध सुधरेंगे, आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन लंबी यात्राओं में थकान या दुर्घटना का हल्का योग बनता है. व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं. लेन-देन में गति देखने को मिलेगी. कानूनी मामलों में राहत मिलने के योग बनेंगे. घर–परिवार में प्रतिष्ठा बढ़ेगी.
उपाय – प्रतिदिन पूजा में हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा तांबे का कड़ा पहनें. मंगलवार के दिन लाल मसूर दान करें.


वृषभ राशि
मंगल स्वामी: सप्तम व द्वादश भाव
गोचर भाव: अष्टम भाव (गुप्त परिवर्तन, विरासत, जोखिम)
मंगल का यह गोचर थोड़ा तीव्र है. ऐसे में आपका मन थोड़ा अस्थिर हो सकता है. विशेष तौर पर ससुराल पक्ष से तनाव या फिर दांपत्य जीवन में टकराव की स्थिति देखने को मिल सकती है. वृषभ राशि के जातक धन के मामलों में सावधानी रखें, अचानक खर्च बढ़ सकता है. सेहत की दृष्टि से आपको अपने पेट, हार्मोन, BP का विशेष ध्यान रखना होगा. व्यापार में विशेष तौर पर पार्टनरशिप वाले कारोबार में पारदर्शिता ज़रूरी रहेगी. कानूनी विवाद हल होने की शुरुआत होगी पर धैर्य आवश्यक रहेगा. 
उपाय – गाय को गुड़ खिलाएं और प्रतिदिन प्राणायाम करें. 


मिथुन राशि
मंगल स्वामी: छठे व ग्यारहवें भाव
गोचर भाव: सप्तम भाव (दांपत्य, साझेदारी)
मंगल की उपस्थिति रिश्तों में स्पष्टता या टकराव दोनों ला सकती है. इस दौरान व्यापारिक साझेदारी में लाभ होने के योग बनेंगे लेकिन आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा अन्यथा जुबान की तीखी प्रकृति नुकसान कर सकती है. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. रोग-शोक दूर होंगे. नौकरी में प्रमोशन या टीम मैनेजमेंट भूमिका मिलेगी.
उपाय – शिव पंचाक्षरी मंत्र जपें तथा मंगलवार को लाल फल दान करें.

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कर्क राशि
मंगल स्वामी: पंचम व दशम भाव
गोचर भाव: षष्ठम भाव (शत्रु, रोग, प्रतियोगिता)
कर्क राशि वालों के लिए यह मंगल का धनु राशि में गोचर अत्यंत उपयोगी और विजय दिलाने वाला साबित होगा. इस दौरान शत्रुओं पर विजय तथा कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है. प्रतियोगिता परीक्षा में अनुकूलता बनी रहेगी. नौकरी में प्रमोशन योग बनेगा. संतान की तरफ से सुखद समाचार मिलेगा. उसकी पढ़ाई बेहतर होगी. स्वास्थ्य में सुधार होगा. व्यापार में ऋण कार्यों से मुक्ति संभव है.
उपाय – मंगलवार को मसूर दाल का दान करें तथा हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें.


सिंह राशि
मंगल स्वामी: चौथे व नववें भाव
गोचर भाव: पंचम भाव (प्रेम, बुद्धि, संतान)
सिंह राशि वालों के लिए मंगल का यह गोचर करियर-कारोबार के लिए अनुकूल रहने वाला है. यह समय रोमांचक कहा जाएगा. प्रेम संबंधों में उष्मा बढ़ेगी और नए रिश्तों के योग बनेंगे. संतान को उपलब्धि से मन प्रसन्न रहेगा. परीक्षा-प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी. व्यापार में निवेश करना लाभप्रद साबित होगा. नौकरी में क्रिएटिव प्रोजेक्ट से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा. स्वास्थ्य अच्छा लेकिन अत्यधिक उत्साह या लापरवाही से चोट लगने की आशंका रहेगी. 
उपाय – बच्चों को लाल कलम दान करें तथा मंदिर में दीपदान करें.

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कन्या राशि
मंगल स्वामी: तृतीय व अष्टम भाव
गोचर भाव: चतुर्थ भाव (मां, घर, वाहन, संपत्ति)
मंगल का गोचर कन्या राशि के जातकों के लिए थोड़ा प्रतिकूल कहा जाएगा. इस दौरान घर–परिवार में वाद-विवाद हो सकता है. मां के स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा. वाहन सावधानी से चलाएं.  नई संपत्ति खरीदने–बेचने के लिए सामान्य रूप से मिश्रित समय है. नौकरी–व्यापार में मेहनत का पूरा फल मिलेगा.
उपाय – माता के नाम से दान करें तथा गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं.


तुला राशि
मंगल स्वामी: दूसरे व सातवें भाव
गोचर भाव: तृतीय भाव (साहस, संचार, भाई)
तुला राशि के जातकों के लिए यह ऊर्जा और प्रगति लाने वाला गोचर है. इस दौरान मार्केटिंग, मीडिया, सेल्स से जुड़े लोगों का यश बढ़ेगा. भाई–बहनों से समर्थन मिलेगा. व्यापार में नये संपर्क बढ़ेंगे. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा. ऐसे में रूटीन मजबूत रखें. कानूनी मामलों में साहसिक निर्णय फायदा देगा.
उपाय – मंगलवार को मूंगफली के लड्डू बांटें और हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजन करें. 

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वृश्चिक राशि
मंगल स्वामी: लग्न व छठा भाव
गोचर भाव: दूसरे भाव (धन, वाणी, परिवार)
अपनी राशि के स्वामी का यह गोचर धन वृद्धि, आवाज़ में दम, और परिवार में निर्णय शक्ति बढ़ाता है. इससे नौकरी–व्यापार दोनों में लाभ मिलने के योग बनेंगे. स्वास्थ्य सुधरेगा, लेकिन फिर भी खाने–पीने में सावधानी रखें. वाणी की तीखी शैली रिश्तों में खटास ला सकती है. 
उपाय – परिवार में मिठाई बांटें. शुक्रवार को जरूरतमंद लोगों को दान करें. 

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धनु राशि
मंगल स्वामी: पंचम व द्वादश
गोचर भाव: लग्न (व्यक्तित्व, स्वास्थ्य)
यह गोचर धनु जातक को अत्यधिक सक्रिय, स्पष्टवादी, ऊर्जावान बनाता है. ऐसे में नौकरी या व्यापार में आप बड़ा फैसला ले सकते हैं. स्वास्थ्य में आग्नेय तत्व यानि BP या गर्मी बढ़ सकती है. प्रेम संबंधों में तेजी से प्रगाढ़ होते हुए दिखाई देंगे. संतान के लिए अच्छा समय कहा जाएगा. कानूनी मामलों में साहसिक कदम फायदा देगा.

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उपाय – शुद्ध घी का दीपक जलाकर प्रतिदिन भगवान विष्णु के मंत्र “ओम नमो भगवते वासुदेवाय” का जप करें.


मकर राशि
मंगल स्वामी: चौथे व ग्यारहवें भाव
गोचर भाव: द्वादश भाव (अवचेतन, खर्च, विदेश)
यह गोचर आपके खर्च बढ़ा सकता है तो वहीं कामकाज की अधिकता के चलते आपकी नींद कम हो सकती है. इस दौरान किसी यात्रा-विशेषकर विदेश-का योग बनेगा. व्यापार में सावधानी रखें और साझेदारी में गलतफहमी से बचें. सेहत की दृष्टि से पैर, नस या ब्लड प्रेशर का विशेष ख्याल रखना होगा. आर्थिक निवेश सोच-समझकर करें.
उपाय – नींबू–मिर्च घर के बाहर लटकाएं. प्रतिदिन रोज ध्यान करें.

कुंभ राशि
मंगल स्वामी: तीसरे व दसवें भाव
गोचर भाव: ग्यारहवां भाव (लाभ, नेटवर्क, इनकम)
कुंभ जातकों के लिए यह सर्वश्रेष्ठ गोचर में से एक है. इस दौरान आपकी आय बढ़ेगी. आपके संपर्क बढ़ेंगे और आपको व्यापार में लाभ होगा. नौकरी में पोजिशन बढ़ेगी तथा पदोन्नति का योग बनेगा. स्वास्थ्य मजबूत होगा. संतान की ओर से खुशी प्राप्त होगी. 
उपाय – मंगलवार को मंदिर में तेल और लाल कपड़ा अर्पित करें.

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मीन राशि
मंगल स्वामी: दूसरे व नवें भाव
गोचर भाव: दशम भाव (कैरियर, प्रतिष्ठा)
मीन राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर कामयाबी लाएगा. यह प्रगति का समय कहा जाएगा. आपको नई जिम्मेदारी मिल सकती है. सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी. परीक्षा-प्रतियोगिता और इंटरव्यू में सफलता मिलेगी. व्यापार में लाभ होगा लेकिन क्रोध करने से बचें. स्वास्थ्य अच्छा पर पेट का ध्यान रखें. कानूनी मामलों में स्थितियां अनुकूल कहीं जाएंगी.
उपाय – प्रतिदिन भगवान शिव का अभिषेक करें तथा मंगलवार को लाल वस्त्र दान करें.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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