Mahakumbh 2025: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर आज 26 फरवरी, बुधवार के दिन महाशिवरात्रि मनाई जा रही है. महाशिवरात्रि के साथ ही महाकुंभ अपनी अंतिम तिथि की तरफ बढ़ गया है. महाशिवरात्रि (Mahashivratri) पर आज महाकुंभ का अंतिम शाही स्नान किया जा रहा है. आज सुबह 7 बजकर 28 मिनट से अंतिम स्नान की शुरुआत के साथ ही बड़ी संख्या में भक्त महाशिवरात्रि पर संगम में डुबकी लगा रहे हैं. ऐसे में यहां जानिए आज दिनभर कौन-कौनसे शुभ योग बन रहे हैं जिनमें महादेव की पूजा की जा सकती है.
महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर शुरू हो रही है और इस तिथि का समापन अगले दिन 27 फरवरी की सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर होगा. महाशिवरात्रि की पूजा रात के समय करने का महत्व होता है, इसीलिए महाशिवरात्रि का व्रत आज 26 फरवरी के दिन ही रखा जा रहा है. महाशिवरात्रि पर पुण्य काल या अमृत काल कल सुबह 9 बजे तक रहने वाला है. महाकुंभ में महाशिवरात्रि का शाही स्नान (Shahi Snan) सुबह 7 बजकर 28 मिनट से शुरू हो गया है.
महाकुंभ के अमृत काल के स्नान के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 9 मिनट से शुरू होकर 5 बजकर 59 मिनट पर समाप्त हो गया है. इसके पश्चात अंतिम शाही स्नान का समय सुबह 7 बजकर 28 पर शुरू होकर सुबह 9 बजे तक रहने वाला है. इसके अलावा पूरे दिन ही महाकुंभ में महाशिवरात्रि पर श्रद्धा की डुबकी लगाई जा सकती है. साथ ही, कुछ विशेष मुहूर्त भी बन रहे हैं.
महाकुंभ में अंतिम स्नान के शुभ मुहूर्तसंध्या मुहूर्त सुबह 5:34 बजे से 6:49 बजे तक
विजय मुहूर्त दोपहर 2:29 बजे से 3:15 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त शाम 6:17 बजे से 6:42 बजे तक
शाम का मुहूर्त 6:19 बजे से 7:34 बजे तक
अमृत काल 7:28 बजे से 9:00 बजे तक
महाशिवरात्रि की रात निशिता काल में पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है. निशिता काल का मुहूर्त 27 फरवरी 12:09 एएम (26 फरवरी की मध्यरात्रि) से 12:59 एएम तक रहेगा.
महाशिवरात्रि पर रात्रि में चार प्रहर के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं.
रात्रि प्रथम प्रहर की पूजा - 26 फरवरी 6:19 पीएम से 9:26 पीएम तक
रात्रि द्वितीय प्रहर की पूजा - 26 फरवरी 9:26 पीएम से 12:34 पीएम तक
रात्रि तृतीय प्रहर की पूजा - 27 फरवरी 12:34 एएम से 3:41 एएम तक
रात्रि चतुर्थ प्रहर की पूजा - 27 फरवरी 3:41 एएम से 6:48 एएम तक
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)