महाकुंभ से गंगाजल लेकर जा रहे हैं तो इस न‍ियम को अपनाएं, पुण्‍य म‍िलेगा ज्‍यादा

Prayagraj Mahakumbh 2025: महाकुंभ से गंगाजल लाए हैं तो उसे घर में रखते समय कुछ सावधानियां जरूर रखें. घर में गंगाजल रखने का अधिकतम लाभ प्राप्त होगा. गंगाजल के रख रखाव में असावधानी ठीक नहीं मानी जाती है.

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गंगाजल को उपयोग करते समय  शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

Prayagraj Mahakumbh 2025: हिंदू धर्म में गंगाजल को पवित्र और पूजनीय माना जाता है. पूजा पाठ से लेकर हर तरह के धार्मिक कार्यों में गंगाजल की जरूरत होती है. संगमनगरी प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 (Mahakumbh 2025 ) में देश विदेश से करोड़ों लोग त्रिवेणी में अमृत स्नान करने पहुंचे रहे हैं. अधिकतर लोग अमृत स्नान के बाद प्रयागराज से गंगाजल और गंगारज लेकर अपने घर जाते हैं. मान्यता है कि घर में गंगाजल और रज रखने बहुत पवित्र होता है और जीवन से प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं. वास्तु दोष से मुक्ति मिलती है. घर में गंगाजल रखने से निगेटिव एनर्जी से मुक्ति मिलती है और पोजिटिव एनर्जी बढ़ती है. इससे घर में खुशहाली आती है और परिजनों के आपसी संबंध बेहतर होते हैं. गंगाजल की हर तरह के मांगलिक और धार्मिक कार्यों में भी (Kab hoti Hai Ganga Jal ki Jarurat) जरूरत होती है. हालांकि घर में गंगा जल रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है. यदि आप महाकुंभ से गंगाजल लाए हैं तो उसे घर में रखते समय कुछ सावधानियां जरूर रखें. घर में गंगाजल रखने का अधिकतम लाभ प्राप्त होगा. गंगाजल के रख रखाव में असावधानी ठीक नहीं मानी जाती है. आइए जानते हैं घर में गंगाजल रखते समय किन बातों का ध्यान (Ganga Jal Rakhne ke Niyam Kya Hai) रखना है जरूरी.

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घर में गंगाजल रखने के नियम (Rules To Keep Gangajal in Home)

तांबे या पीतल के बर्तन में रखें गंगाजल

गंगाजल को भूलकर भी प्लास्टिक की बोतल अथवा डिब्बे में नहीं रखना चाहिए. अगर आप प्रयागराज से प्लास्टिक के जार में गंगजल लाए हैं तो घर में आते ही गंगाजल को तांबे या पीतल के बर्तन में डालकर रखें. प्लास्टिक के बोतल या डिब्बे में गंगाजल रखना अशुद्ध माना जाता है.

पवित्रता का रखें ध्यान

घर में गंगाजल को रखते समय उस स्थान की पवित्रता का पूरा ध्यान रखें. जिस जगह पर  गंगाजल रखा गया है वहां मांसाहारी भोजन करने और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. इससे ग्रह दोष लग सकता है. इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं. ऐसे में बेहतर होगा कि गंगाजल को पूजाघर में रखा जाए.

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चांदी के बर्तन में रखें गंगाजल

अगर आप मासिक रूप से परेशान रहते हैं या घर का कोई सदस्य इस तरह की परेशानी से घिरा है तो गंगाजल को चांदी के बर्तन में सहेज कर घर के अंदर मंदिर में रखें. इससे मानसिक शांति मिलती है. चांदी को चंद्रमा का धातु माना जाता है. चांदी और गंगाजल के संयोग से कुंडली में चंद्रमा अच्छे परिणाम देने लगता है. मानसिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है.

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घर में करें गंगाजल का छिड़काव

हर दिन घर के चारो तरफ गंगाजल छिड़काव करने से नजर दोष, वास्तु दोष सहित निगेटिव शक्तियों से बचाव होता है. घर के मुख्य द्वार पर जल का छिड़काव करने से पोजिटिव एनर्जी आती है और घर में  शुद्धता और वपित्रता का वास होता है.

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कब नहीं करें गंगाजल को स्पर्श

गंगाजल को उपयोग करते समय  शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान गंगाजल नहीं छूना चाहिए. हिंदू धर्म में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं के पूजाघर में जाने पर रोक माना जाता है.

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गंगाजल का करें आदर

हिंदू धर्म में गंगा नदी को माता माना गया है और गंगाजल का पवित्र माना जाता है. इसलिए गंगाजल का उपयोग करते समय सावधानी रखें ताकि उनका अनादर न हो पाए. कभी भी गंगाजल को झूठे हाथों से स्पर्श न करें और पात्र के सामने हाथ जोड़कर गंगाजल लें. गंगाजल निकालते समय अगर निकालते समय गंगाजल जमीन पर गिर जाए तो उसे हाथ से साफ करें और मस्तक पर लगाकर क्षमा मांगें.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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